स्वामी चिन्मयानंद लखनऊ के एसजीपीजीआई के एनआईसीयू में भर्ती

  • छात्रा से यौन शोषण के आरोपी चिन्मयानंद की गिरफ्तारी शुक्रवार को हुई थी।
  • सुरक्षा के मद्देनजर चिन्मयानंद को जिला कारागार की अलग बैरक में रखा गया।
  • जेल सूत्रों के मुताबिक, चिन्मयानंद शुक्रवार रात बैरक में काफी देर तक गुमसुम बैठा रहा।

शाहजहांपुर की विधि छात्रा से दुष्कर्म के आरोपित स्वामी चिन्मयानंद को हिरासत में लिये जाने के बाद स्वास्थ्य खराब होने के कारण सोमवार को लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है।

सोमवार को एसजीपीजीआई के निदेशक राकेश कपूर ने बताया कि स्वामी चिन्मयानंद को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद भर्ती किया गया है। इसके अलावा भी उनके स्वास्थ्य की जांच हो रही है। शाम तक रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल बेहतर डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में लगी है।

जेल में नहीं आई नींद

स्वामी चिन्मयानंद को 19 सितम्बर की शाम उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह पूरी रात चिन्मयानंद सो नहीं सके थे और जेल में टहलते हुए देखे गए थे। इसके अलावा अखाड़ा परिषद ने भी एक बैठक बुलाकर स्वामी चिन्मयानंद को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर ली है।

चेतन चौहान ने होमगार्ड्स की छंटनी पर रखी प्रेस कॉन्फ्रेंस

हृदय में दर्द होने की शिकायत

स्वामी चिन्मयानंद के केयरटेकर की ओर से उनके हृदय में दर्द होने की बात बताई गई है। चिकित्सकों को बता दिया गया है। स्वामी की एन्जीयोग्राफी होगी। हर 24 घंटे में स्वामी के स्वास्थ्य के बारे में बुलेटिन जारी किया जाएगा।

छात्रा के यौन शोषण का आरोपी चिन्मयानंद जेल में पहली रात सो नहीं सका और करवटें बदलते रहा। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद उसे शाहजहांपुर की जेल में रखा गया है। यहां उसे आम विचाराधीन कैदियों की तरह सुविधाएं दी जा रही हैं। उधर, चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के मामले में यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा को भी गिरफ्तारी का डर सता रहा है। उसके तीन साथियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। छात्रा ने उसने बात करने की बात कबूल की है।

जेल सूत्रों के मुताबिक चिन्मयानंद ने शाम को सामान्य भोजन लिया। रात को काफी देर तक गुमसुम बैठा रहा। यहां उसकी पहली रात मुश्किलों भरी कटी। चिन्मयानंद को सुरक्षा की मद्देनजर जिला कारागार में सामान्य कैदियों से अलग बैरक में रखा गया है। इस जेल में उसके तीन विपक्षी भी बंद हैं।