National Pollution Control Day 2019 : जाने क्यों मनाते हैं राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस

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प्रदूषण पूरे विश्व में अपना कहर फैला रहा है, प्रदूषण की वजह से पूरा विश्व परेशान है। लेकिन अगर हम बात करें भारत की तो भारत विश्व में सबसे अधिक प्रदूषण वाले देशों में गिना जाता है। भारत की राजधानी दिल्ली में तो लोग रहना तक नहीं चाहते हैं क्योंकि वहां इतना अधिक प्रदूषण है की सांस लेना मुश्किल हो जाता है। दिल्ली के प्रदूषण से आसपास के शहर भी प्रभावित हो रहे हैं, भारत में प्रदूषण की वजह से हर साल लगभग 10 लाख लोग अपनी जान से हाँथ धो बैठते हैं। दिल्ली के प्रदूषण को पूरे विश्व में जाना जाता है, हमेशा चर्चा में रहता है। जिस तरह से दिल्ली के प्रदूषण को देखकर लोग पराली जलाने, निजी वाहनों का कम इस्तेमाल तथा CNG वाहनों का इस्तेमाल कर रहे है, इसी जागरूकता को बढ़ाने के लिए हर वर्ष 2 दिसम्बर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने का उद्देश्य

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक कारखानों से होने वाली आपदा के प्रबंधन और उसके नियंत्रण के प्रति लोगों को जागरूक करना। हमारे वातावरण में हो रहे वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण को कम करने तथा प्रदूषण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना।

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भोपाल त्रासदी से जुड़ा है राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने के पीछे भोपाल त्रासदी कारण है, 2 दिसम्बर 1984 को भोपाल में गैस त्रासदी हुई थी। भोपाल गैस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की याद में हर साल 2 दिसम्बर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह घटना भोपाल में 2 और 3 दिसम्बर 1984 को घटी थी। भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड के प्लांट से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था जिसके कारण 3787 लोगों की मौत हुई थी और लाखों की संख्या में लोग इससे प्रभावित हुए थे। भोपाल त्रासदी का प्रभाव आज भी लोगों में पाया जाता है।