8 दिसम्बर भारत बंद का हुआ ऐलान

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जातिगत आरक्षण के खिलाफ कल 8 दिसंबर को भारत बंद का प्रदर्शन किया जायेगा। इस प्रदर्शन को पूरे देश में किया जायेगा। आपको बता दे की केंद्रीय कैबिनेट ने बिना किसी सुधार के 70 वर्षों के समान इस बार भी आरक्षण अवधि बढ़ा दी गई है। जिसके खिलाफ समानता मोर्चा ने देशभर में 8 दिसंबर के बंद का आव्हान किया है। दरअसल सरकार द्वारा हमारे देश से धारा 370 हटाने तथा तीन तलाक ख़त्म करने के बाद अब देश की जनता देश से आरक्षण हटाने की मांग कर रही है।

जनता ने लगाई गुहार

अभी कुछ दिनों पहले सोशल मिडिया पर जनता मिशन 2020 आरक्षण हटाओ पर जोर देते हुए नजर आ रही थी। जिसका कोई असर सरकार पर नहीं हुआ। इससे भड़के लोगों ने अब 8 दिसम्बर को भारत बंद का ऐलान किया है। आपको बता दे की आजकल जब भी आप आपना सोशल मीडिया पेज खोलोगे तो आपको एक न एक पेज आरक्षण पर अवश्य मिलेगा। कुछ लोग उस पोस्ट में बता रहे होते हैं कि आरक्षण गलत होता है। तो कुछ कहेंगे की यह सही है।लेकिन भारत के किस सविधान में यह लिखा हुआ है कि आरक्षण जाति के आधार पर बटा है।

जनता ने लगाई गुहार आरक्षण हटाओ,देश बचाओ

आरक्षण आज एक बहस का मुद्दा बना हुआ है

सबसे बड़ी बात ये है की आरक्षण उसके बारे में लोग बात तो करना चाहते है। लेकिन क्या वे इसके व्यापक स्तर को बहस का मुद्दा बनाना चाहते है। शायद नहीं, क्योंकि किसी से भी बहस कर ले उनके आरक्षण का मुख्य मुद्दा हमेशा जातिगत आरक्षण के साथ चिपकी हुई नज़र आती है। ऐसा इसीलिए है क्योंकि वे आरक्षण की मूल अवधारणा जो बाबा साहेब ने संविधान में रखी थी। उससे भली भाँति अवगत ही नहीं है और जब उसी का पालन आज तक नहीं हो पाया।
जिसकी वजह से आप और हम इस बहस को एक मुद्दे के तौर पर अपने मन मुताबिक उछालते रहते है।