सपा में जाने का समय गया -शिवपाल यादव

  • शिवपाल यादव का बड़ा बयान-सपा में जाने का समय गया।
  • आजम खान की मदद उनकी पार्टी को करनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ सुलह होने की सारी अटकलों पर विराम लगा दिया है। शिवपाल ने कहा कि अगले चुनाव में सपा से किसी तरह का कोई समझौता नहीं होगा। शिवपाल ने कहा,” 2022 के विधानसभा चुनाव में समय आने पर समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन के रास्ते खुले रहेंगे, लेकिन सपा से कोई समझौता नहीं होगा।

प्रसपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव पहले भी उन्होंने प्रयास किए, लेकिन साजिश रचने वालों ने ऐसा नहीं होने दिया। गुंजाइश तो अभी है लेकिन वो विलय नहीं, सपा से गठबंधन के लिए तैयार हैं। इस दौरान उन्होंने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की तारीफ में खूब कसीदे पढ़े।

शिवपाल ने कहा कि आज परिजन शहीदों के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन नेताजी की बदौलत कर पाते हैं। मुलायम सिंह के रक्षा मंत्री होने से पूर्व तो शहीदों के घर उनके कपड़े ही पहुंचते थे। शहीदों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों को देखने के लिए भी नहीं मिलते थे।

मुलायम का सपना पूरा कर रहे है

जब मुलायम सिंह यादव रक्षामंत्री बने तो उन्होंने शहीदों के शव को उनके घर पहुंचाने का निर्णय लिया। शहीद के परिजनों को प्रदेश और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता दिलवाने का भी कार्य किया। उन्होंने कहा कि वो मुलायम सिंह यादव के सपनों को पूरा करने का काम कर रहे हैं। वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार को पूरी तरह विफल बताया। कहा कि आज लूट, हत्या और डकैती आम बात हो गई है। अपराधी जहां निरंकुश हैं तो वहीं रोजगार न मिलने से युवा परेशान हैं।

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शिव पाल यादव को दिया ऑफर

सपा ने कहा था कि शिवपाल यादव अगर अपनी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया (प्रसपालो) का सपा के साथ विलय करने को राजी हो जाएं, तब विधानसभा सदस्य के रूप में उन्हें अयोग्य करार दिए जाने की मांग वाली अर्जी वापस लिए जाने पर विचार करेगी। वरिष्ठ सपा नेता और नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने 13 सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष को शिवपाल के खिलाफ अर्जी दी थी। शिवपाल सदन में सपा के विधायक हैं, फिर भी अपनी अलग पार्टी चला रहे हैं।

मुलायम सिंह यादव की बात पर बोले शिव पाल

मुलायम सिंह से संबंधों के बारे में उन्होंने कहा कि वह पहले भी नेता जी के साथ थे और आज भी साथ हैं। “पार्टी के लिए लंबे समय तक मुलायम सिंह यादव के साथ काम किया और संघर्ष के बाद पार्टी खड़ी की है. मगर यह नहीं सोचा था कि पार्टी में आज यह हाल हो जाएगा।

 मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए शिवपाल ने कहा, “योगी सरकार में भ्रष्टाचार और गुंडाराज बढ़ा है। अपराधियों और दुष्कर्मियों को सरकार में शरण मिल रही है. प्रदेश के थाने बीजेपी नेता चला रहे हैं. अफसर सरकार के इशारे पर मनमानी कर रहे हैं। देश और प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी का माहौल है।

एक होने के दिए थे संकेत

कुछ दिन पहले अखिलेश यादव ने बातों बातों में सपा-प्रसपा के एक हो जाने के संकेत दिए थे। एक संवाददाता सम्मेलन में चाचा शिवपाल यादव को पार्टी में वापस लेने के सवाल पर अखिलेश ने था कहा कि उनके परिवार में परिवारवाद नहीं, बल्कि लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि जो अपनी विचारधारा पर चलना चाहे वह स्वतंत्र है और जो आना चाहे उसे वह पार्टी में आंख बंद करके शामिल कर लेंगे।

अखिलेश ने कहा था, ”सपा के दरवाजे सबके लिए खुले हैं, परिवार एक है, कोई अलग नहीं है। हमारे ऊपर आरोप लगते हैं, लेकिन परिवार में कोई फूट नहीं है. यहां पर लोकतंत्र है। हमारा परिवार अलग नहीं है। जो जिस विचारधारा में जाना चाहे जाए और जो वापस आना चाहता है आए। यहां सबके लिए दरवाजे खुले हैं। जो आना चाहे, उसे शामिल कर लेंगे।

 कुछ लोग नहीं चाहते की पार्टी और परिवार में एकता रहे

इस पर शिवपाल ने कहा था, “परिवार में एकता की पूरी गुंजाइश है, लेकिन कुछ लोग साजिश रचते हैं और वे नहीं चाहते कि परिवार और पार्टी में एकता रहे। शिवपाल ने आजम खान के मामले में कहा कि यह बदले की भावना से हो रही कार्रवाई है, और आजम के साथ सरकार ने ठीक नहीं किया है।