बिजली की बढ़ी दरों के विरोध मे पूर्वांचल के किसानो ने किया विरोध प्रदर्शन

भारतीय किसान यूनियन (भानु) गुट द्वारा 26 सितम्बर को बिजली की बढ़ी दरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों मे 18 घण्टे विद्युत आपूर्ति सहित अपनी 11सूत्री मांगों को लेकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम कार्यालय भिखारीपुर के समीप मन्दिर पर यूनियन के किसानो द्वारा धरने का आयोजन किया गया। इस धरने में पूर्वांचल के मीरजापुर सहित अन्य जिलो के किसानो व उनकी महिलाओ ने राष्ट्रीय महासचिव राजेन्द्र प्रसाद शास्त्री मीरजापुर जिला अध्यक्ष अली जमीर खान के नेतृत्व मे सरकार द्वारा बिजली की बढ़ी कीमत वापस लेने, मुफ्त बिजली एवं लो वोल्टेज जैसी तमाम समस्याओ को लेकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम पर अपनी आवाज बुलन्द की।

इस धरने के दौरान कुछ किसान नेता डिस्काम मुख्यालय के गेट पर पहुँचकर प्रबन्ध निदेशक से बात करने की मांग करने लगे, जिस पर वहां के सुरक्षा कर्मियों ने मुख्यालय का द्वारा बन्द कर दिया। इससे आक्रोशित हो किसान नेता वही धरने पर बैठ गये। प्रदर्शनकारियों के रुख को भांपते हुए डिस्काम प्रशासन ने भारी पुलिस बल बुला लिया और उनकी सुरक्षा मे डिस्काम के निदेशक कार्मिक अनिल कुमार कोहली एवं प्रबंध निदेशक के स्टाफ अधिकारी ए आर वर्मा ने किसानो से वार्ता करनी चाही पर किसान नेताओ ने पास मे ही चल रहे सभा स्थल पर अधिकारियों से बात करने का प्रस्ताव दिया।

किसान नेता टिकैत को भारत रत्न देने की हुई मांग

मौजूदा हालात को देखते हुए दोनो अधिकारियो ने बन्दूको और लाठियो के बीच सभा स्थल पर पहुच कर किसान नेताओ के साथ जमीन पर बैठ कर उनकी मांगों को सुना लेकिन किसान नेताओ ने अधिकारियों से प्रबन्ध निदेशक को सभा स्थल पर बुलाने की मांग की। मांग पूरी न होने पर तत्काल चक्का जाम की चेतावनी देने लगें। मौजूदा हालात और किसानों के तल्ख तेवर को भांपते हुए तत्काल अधिकारियों द्वारा मोबाइल के माध्यम से प्रबन्ध निदेशक को सम्पूर्ण घटनाक्रम से अवगत कराया।

दोपहर का भोजन छोड़ अपने अन्नदाताओं के बीच पहुंचे प्रबन्ध निदेशक ने लिया 11सूत्री माँगपत्र

जिस वक़्त अधिकारियों द्वारा मोबाइल से प्रबंध निदेशक को किसान नेताओ की मांग की जानकारी दी गई, उस वक्त प्रबंध निदेशक भोजन करने के लिए अपने बंगले पर मौजूद थे। सूत्रो की खबरो के अनुसार किसान नेताओ के प्रदर्शन और मांग पत्र के लिये उनकी मौजूदगी पर अड़े किसान नेताओ की सूचना मिलने पर तत्काल प्रबंध निदेशक गोविन्द राजू ने अपने पूर्वाचल के अन्नदाता किसान नेताओ के सभा स्थल तक जाकर अपने किसान नेताओ की समस्या को सुना और उनकी 11 सूत्री मांगों पर तत्काल कार्यवाही का भरोसा दिलाया पर किसान नेताओ ने प्रबंध निदेशक से अपने मंच से बोलने की पेशकश की। राजनैतिक मंच होने के कारण प्रबंध निदेशक ने सीधे तौर पर मंच पर बोलने से मना कर दिया।