UP : स्कूलों का बच्चो के साथ ऐसा बर्ताव, ऐसे कैसे पढ़ेगा और बढ़ेगा इंडिया

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UP : रायबरेली में सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिवगढ़ ब्लाक के कम्पोजिट विद्यालय गूढ़ा में दीवारों पर लिखा स्लोगन सब पढ़े,सब बढ़े अब मुंह चिढ़ाता नजर आ रहा हैं। कम्पोजिट विद्यालय गूढ़ा प्रागण में स्थित पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय का मूल भवन बिल्कुल क्षतिग्रस्त एवं जर्जर हो चुका था। जिसको लेकर करीब 5 माह पूर्व शिक्षा विभाग द्वारा 2 दोनो विद्यालय भवनों की नीलामी करके जर्जर भवनों को ध्वस्त करा दिया गया था।

वर्तमान समय में विद्यालय की यह स्थिति है कि विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष तीन हैं जबकि पंजीकृत बच्चों की संख्या 554 है। बच्चों को पढ़ाई के लिए रोस्टर के हिसाब से 2 पालियों में बुलाया जा रहा है इसके बाद भी बच्चों की संख्या इतनी हो जाती है कि बच्चों के बैठने के लिए विद्यालय में जगह ना होने के कारण दर्जनों बच्चों को बगैर पढ़ाए ही विद्यालय से बैंरंग वापस कर दिया जाता है, जिसको लेकर अभिभावकों में गहरा रोष व्याप्त है। यदि यही हाल रहा तो ‘ऐसे कैसे पढ़ पाएगा इंडिया” आगे कैसे बढ़ पाएगा इंडिया।

आक्रोशित अभिभावकों ने विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है अभिभावकों का कहना है कि जब तक नई बिल्डिंग का निर्माण नहीं हो रहा है तब तक बच्चों के बैठने के लिए तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था की जाए जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो। सबसे बड़ी समस्या है कि ना ही विद्यालय के आस-पास कोई बिल्डिंग है जिसमें बच्चों को सुगमता से भेजा जा सके और ना ही अभिभावक बच्चों को अन्यत्र कहीं भेजने के लिए राजी हैं। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में बेहतर अनुशासन व्यवस्था के साथ ही अच्छी पढ़ाई होती है इसलिए वे अपने बच्चे को दूसरे विद्यालय अथवा दूसरी जगह नही भेजना चाहते हैं।

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जब विद्यालय में बच्चों का प्रवेश लेने आए बच्चों और अभिभावकों के साथ ही पढ़ने आए दर्जनों बच्चों को विद्यालय से वापस कर दिया गया तो अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित अभिभावकों ने इसकी शिकायत ग्राम प्रधान से की। ग्राम प्रधान ने बच्चों और अभिभावकों की समस्या को गम्भीरता से लेते हुए विद्यालय पहुंचकर विद्यालय के एनपीजीएल भवन को खाली कराने के साथ ही उस पर टीन सेड़ रखवाकर कुछ बच्चों के बैठने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही।

इस बाबत जब विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापिका अनिता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालय में कुल 554 विद्यार्थी पंजीकृत है जिनमें पूर्व माध्यमिक सेक्शन में 252 व प्राथमिक सेक्शन में 302 बच्चे पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के लिए बच्चों के बैठने योग्य सिर्फ तीन कमरे हैं। बच्चों को रोस्टर के हिसाब से 2 पालियों में बुलाया जा रहा है फिर भी बच्चे की संख्या ज्यादा हो जाती है। जिसके चलते कोविड-19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए ज्यादा बच्चे आने पर कुछ बच्चों को वापस कर दिया जाता है।

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