पीएम मोदी का कोकराझार दौरा आज,जाने क्या है बोडो समझौता

bodo settlement
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आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में कोकराझार का दौरा करेंगे। कोकराझार में बोडो समझौते पर हस्ताक्षर होने का जश्न मानाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पीएम मोदी इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे है। बता दें बोडो समझौते पर हस्ताक्षर 27 जनवरी को हुआ था। इस समझौते का उद्देश्य बोडो (आदिवासी) बहुल क्षेत्रों में दीर्घकालिक शांति और उनका विकास करना है। असम दौरे की जानकारी पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी,उन्होंने लिखा की ‘कल मै असम के दौरे को लेकर बहुत उत्सुक हूँ। कोकराझार में मैं एक जनसभा को संबोधित करूँगा।’

बोडो समझौता

➤ इस समझौते के तहत केंद्र सरकार ,असम राज्य सरकार ,BTC ,ABSU ,NDFB ,UBPO शामिल है।
➤ इसके साथ ही 1500 सशस्त्र कैडर करीब 500 हथियारों के साथ देश की मुख्या धरा में शामिल होंगे।
➤ बोडो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के विकास के लिए 15000 करोड़ रूपए 3 वर्षो में दिए जायेंगे।
➤ इससे विकास के लिए कई परियोजनाएं चलायी जाएँगी।
➤ बोडो समझौते से BTC के शक्ति और क्षेत्रों में बढ़ोतरी होगी ।
➤ बोडो के सांस्कृतिक ,सामाजिक ,भाषायी विषय सुरक्षित रहेंगे।
➤ जनजाति लोगों के भूमि अधिकारों का संरक्षण होगा।
➤ असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के भविष्य के लिए ये समझौता बहुत महत्वपूर्ण होगा।

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बोडो जोकि असम का सबसे बड़ा आदिवासी समुदाय है और ये असम की जनसँख्या का 6 % है। असम में बोडो आदिवासियों का लम्बे समय से नियंत्रण रहा है। इस समुदाय ने 5 दशक पहले अपने लिए अलग बोडोलैंड बनाये जाने की मांग की थी। असम राज्य के 4 जिलों को मिलाकर बोडो टेरिटोरिअल एरिया डिस्ट्रिक्ट का गठन किया गया है। ये जिले है उदालगुरी,कोकराझार, चिरांग और बाक्सा। गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 27 जनवरी को NDFB और ABSU ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया था।

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