पुलिस ने चोरी हुई लग्जरी गाड़ियों को 24 घंटे में किया बरामद

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में थाना महानगर के बादशाह नगर से चोरी हुई 8 गाड़ियों में से 4 लग्जरी गाड़ियां पुलिस ने महज़ 24 घंटे के अंदर बरामद कर लिया है। चोरी हुई सभी गाड़िया लग्जरी हैं और इनकी कीमत करोड़ों में है। सीसीटीवी फुटेज का निरीक्षण तथा डाटा का विश्लेषण करके पुलिस ने यह कार्यवाही किया और 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। चोरी के मास्टरमाइंड को पुलिस तलाश कर रही है।

लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी के कुशल निर्देशन में पुलिस ने यह कामयाबी हासिल किया है। पुलिस द्वारा 24 घंटे के अंदर प्राप्त की गई सफलता के बाद पुलिस टीम को 20,000/-रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। चोरी हुई सभी गाड़ियां कनक कार सेल्स की हैं। पुलिस ने चोरी हुई चार गाड़ियों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के शताब्दी बिल्डिंग के पार्किंग से बरामद किया है जिनमे एसयूवी लक्जरी कारों में ऑडी, बीएमडब्ल्यू, इंडीवर और आई-20 कार हैं। यह सभी गाड़ियां मंगलवार को बादशाह नगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित कार सेल से चुराई गई थीं।

बादशाह नगर के सेक्टर बी में रहने वाले करन गुप्ता, अलीगंज के सैय्यद मोहम्मद कासिब और आलोक सचान की पार्टनरशिप में कार बाजार है। करन गुप्ता का कहना है कि 4 दिनों से उनकी तबियत ख़राब थी जिसके चलते वह नहीं आ रहे थे और आलोक धनतेरस से छुट्टी पर थे तो पूरा काम कासिब देख रहे थे। उन्होंने बताया कि कासिब सोमवार रात 8:30 बजे कार बाजार के गेट पर ताला लगाकर घर चले गए। अंदर 17 लग्जरी गाड़ियां खड़ी हुई थीं।

सोमवार रात 12:30 बजे के बाद चोर पीछे के खाली पड़े प्लॉट में से पेड़ के सहारे अंदर घुसे और कार बाजार के ऑफिस का ताला तोड़कर अलमारी में रखी कारों की चाभियां उठा लिया। इसके पश्चात चोर बगल के कमरे का ताला तोड़कर अंदर घुसे और वाईफाई का तार निकाल दिया फिर मुख्य गेट का ताला तोड़कर आठ लग्जरी गाडिय़ों में आठ चोर सवार हुए और भाग गए।

संजय गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक को 48 घंटे में गाड़ियां बरामद करने का दिया आदेश

मंगलवार को सुबह करीब 7:15 बजे करन के दोस्त रवि ने कार बाजार का ताला टूटा देखकर उन्हें चोरी की खबर दिया। कार बाजार पहुंचकर करन ने छानबीन किया और सुबह 7:51 बजे पुलिस को इस हादसे की जानकारी दिया।

ट्रांसगोमती के एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव को कार बाजार के कर्मचारियों पर भी शक है। उनका कहना है कि उनके साथ शेयर होल्डर से पूछताछ की जा रही है और इसके पीछे किसी करीबी का भी हाथ हो सकता है। सीसीटीवी फुटेज से तीन संदिग्ध लोगों को चिन्हित किया गया है। इस घटना के दौरान चालू फोन नंबरों को वीटीएस टॉवर से निकाल लिया गया है। पुलिस की 10 टीमें चोरों को ढूंढ रही हैं।