Chandrayaan-3 Launch 2023 , ISRO ने रचा इतिहास बना विश्व का पहला देश

    Chandrayaan-3 Launch 2023
    Chandrayaan-3 Launch 2023

    ISRO ने भारत के तीसरे चंद्र मिशन के तहत चंद्रयान 3 लॉन्च कर दिया है। Chandrayaan-3 Launch 2023 को श्री हरी कोटा अंतरिक्ष अनुसन्धान संस्थान से भारतीय समयानुसार 14 July 2023 दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर सफलता पूर्वक लॉन्च कर दिया गया है। 615 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस मिशन के तहत लगभग यह विमान 50 दिन की यात्रा के बाद चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा।

    चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान 3 लैंड करने वाला भारत विश्व का पहला देश होगा। Chandrayaan 3 Launch 2023 को भेजने के लिए ISRO ने LMV 3 लॉन्चर का उपयोग किया है। Chandrayan-3 को उड़ाने के लिए ISRO ने बाहुबली राकेट का इस्तेमाल किया है।

    बाहुबली राकेट के बारे में जाने

    ISRO ने चंद्रयान 3 को उड़ाने के लिए भारत में बने हुए राकेट बाहुबली राकेट का उपयोग किया है। ये वही राकेट है जिसनी पिछली बार भी Chandrayaan 2 को सफलता पूर्वक लॉन्च किया था। इसका उपयोग बहुत वजनी अंतरिक्ष यानो को लॉन्च करने में किया जाता है। ये भारत में ही बना है और भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संस्थान द्वारा तैयार किया गया है। ISRO अपने पूर्व के कई अभियानों में इसको इस्तेमाल कर चूका है।

    Bahubali Rocket का वजन 642 टन है इसकी ऊंचाई क़ुतुब मीनार से भी ज्यादा करीब 43.5 मीटर है। Bahubali Rocket का असली नाम जियोसिंक्रोनस स्टैडिंग सेटेलाइट लॉन्च व्हिकल मार्क 3 GSLV Mk3 है। ISRO के वैज्ञानिक इसे बाहुबली कह रहे है। इसको LVM3 M4 भी कहा जाता है।

    Bahubali Rocket (LMV) भारत के लोगो की उम्मीदों को भी अपने साथ ले जा रहा है। पिछली बार Chandrayaan 2 के समय आखिरी 30 मिनट में लैंडर से संपर्क टूट जाने के कारण ISRO का मिशन सफल नहीं हो पाया था और सभी देशवासियो की उम्मीदों पर पानी फिर गया था। इस बार सभी यह आशा कर रहे है Chandrayan-3 Launch 2023 अपने मिशन पर सफल हो।

    विक्रम लैंडर (Vikram Lander) क्या है

    Pragyan Rover Chandrayaan 3 – Chandra 3 का विक्रम लैंडर 23 या 24 अगस्त को चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। पिछले मंगलयान मिशन में विक्रम लैंडर की सफल लैंडिंग नहीं हो पायी थी वह क्रैश हो गया था। लैंडर एक तरह से चंद्रयान का एक हिस्सा है जो चन्द्रमा की सतह पर प्रज्ञान रोवर (Pragyan Rover) को उतरेगा

    इसमें बहुत से कैमरे लगे होते है जो फोटो और वीडियो लेके ISRO को देगा। जानकारी के अनुसार लैंडर की आयु करीब 14 दिन तक होती है यह चन्द्रमा की सतह के फोटो और वीडियो ISRO के सेंटर को देगा।

     

    Space Science में बढ़ेगा भारत का दबदबा

    भारत विश्व का चौथा देश है Chandrayaan-3 Launch 2023 जिसने ये कारनामा कर के दिखाया चाँद की सतह पर पहुंचने अब तक सिर्फ चार देश ही कामयाब हो पाए है उनमे भारत भी शामिल है। अमेरिका चीन और रूस के बाद भारत ने ये कामयाबी हासिल की है। चंद्रयान 3 बदलते भारत की नयी तस्वीर को बयां करेगा। दुनिया भारत की धमक को देखेगी। अब अपना देश वैज्ञानिकता के युग में दुनिया के किसी भी विकशित राष्ट्र से कम नहीं है।

    Chandrayaan-3 Launch 2023 क्यों किया गया

    Chandrayaan 3 को लांच करने का उद्देश्य वही है जो पिछले मून मिशन का था। ISRO ने बताया की की लैंडर को दक्षिणी ध्रुव पर सफलता से उतारना इसका प्रमुख मकसद है। इसके बाद प्रज्ञान रोवर को सतह पर चलना व वैज्ञानिक परिक्षण करना है। अगर भारत इस मिशन में कामयाब हुआ तो चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर उतारने वाला दुनिया का एकलौता देश होगा। आज तक किसी भी देश ने दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर नहीं उतारा है।

     

     

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