पुलिस को चकमा देकर हाईकोर्ट पहुंची लक्ष्मी चौहान

लाखो रूपए का घपला करने वाली फरार इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान अपनी अग्रिम जमानत के लिए पुलिस को चकमा देकर हाईकोर्ट पहुँची।इतनी कड़ी पुलिस व्यवस्था होने के बाद भी पुलिस उसको पकड़ने में नाकाम रही। 70 लाख रुपए गबन करने की आरोपी गाजियाबाद के लिंक रोड थाने की इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान व अन्य 6 फरार चल रहे पुलिसकर्मियों को एक महीने 6 दिन बाद भी पुलिस नहीं “ढूंढ” सकी है। गाजियाबाद पुलिस को भले ही लक्ष्मी चौहान “ढूंढे” न मिल रही हों परन्तु इस बीच लक्ष्मी सिंह चौहान की ओर से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई गई है।

बता दे की इससे पहले मेरठ स्थित स्पेशल भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने भी आरोपी इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। यूपी की बहादुर पुलिस फरार चल रहे अपने 7 पुलिस कर्मियों को “ढूंढ” नहीं पा रही है, लेडी सिंघम कहे जाने वाली इंस्पेक्टर सहित ये सभी पुलिसकर्मी एक महीने से ऊपर हो गया अपनी ही पुलिस को चकमा देते हुए फरार चल रहें हैं। अपराधियों में लेडी सिंघम के नाम से मशहूर कई गाजियाबाद के लिंक रोड थाने की इंचार्ज रहीं इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान, उप निरीक्षक नवीन कुमार पचौरी व 5 अन्य पुलिसकर्मी पिछले महीने की 25 सितंबर से फरार चल रहे हैं।

फरार इस्पेक्टर की जमानत को लेकर सीओ आतिश कुमार सिंह का कहना है कि मेरठ एंटी करप्शन कोर्ट में अग्रिम जमानत के विरोध में पुलिस ने मजबूत पैरवी की थी। इसी के चलते कोर्ट ने इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान व अन्य पुुलिसकर्मियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की थी। अब आरोपी पुलिसकर्मियों के हाईकोर्ट जाने के पता चला है। आरोपियों के खिलाफ वहां भी मजबूत पैरवी की जाएगी।

कई महीनो से फरार चल रहीं लक्ष्मी सिंह चौहान के नोएडा व इंदिरापुरम के विंडसर पार्क सोसायटी स्थित आवास पर दबिश देकर तलाशी ले चुकी है। लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगीं। सीओ आतिश कुमार के अनुसार घर पर फरार इंस्पेक्टर के माता-पिता व बच्चे मिले जो कोई जानकारी नहीं दे सके। पुलिस सभी “फरार” पुलिसकर्मिर्यों की “सरगर्मी” के साथ तलाश कर रही है। लखनऊ में अपनी तैनाती के दौरान विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज रहीं लक्ष्मी सिंह चौहान तत्तकालीन एसएसपी ओपी सिंह के स्कोर्ट में भी तैनात रहीं थीं।