शाहजहांपुर कांड में आज फॉरेंसिक लैब में होगा सैंपल वॉइस टेस्ट

● चिन्मयानंद के साथ पीड़िता और उसके दोस्तों का भी होगा आज वॉइस सैंपल टेस्ट
● लखनऊ फॉरेंसिक लैब में शाहजहांपुर में वॉइस सैंपल टेस्ट होगा
● 6 गाड़ियों में 25 पुलिस वालों के साथ लाई गई पीड़िता

चिन्मयानंद और उन पर रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा समेत पांच आरोपियों की आवाज के नमूने लिए जाएंगे। मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट ओमवीर सिंह ने शनिवार को एसआईटी को इसकी अनुमति दे थी। जानकारी के मुताबिक, रंगदारी मांगने के आरोपियों ने वायरल विडियो में उनकी आवाज होने से इनकार कर दिया था। लिहाजा, नमूना एकत्र करने के लिए आरोपितों को लखनऊ स्थित विधि प्रयोगशाला लाये गए है। आज नमूनों का वायरल विडियो की आवाज से मिलान करवाया जाएगा। बता दें की मालिश कराते समय चिन्मयानंद और छात्रा के बीच बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। दूसरा वीडियो पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले में पीड़ित छात्रा और उसके दोस्तों के बीच हुई बातचीत का था।

चिन्मयानंद और पीड़िता को लाया गया लखनऊ

एसआईटी ने स्वामी चिन्मयानंद और रंगदारी मांगने की आरोपित छात्रा और जेल में बंद उसके तीन साथियों के आवाज के नमूने लेने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी थी। सीजेएम ओमवीर सिंह ने एसआईटी को इस प्रकरण में सभी आरोपियों के आवाज के नमूने लेने की अनुमति प्रदान की है। इसी मामले की जाँच लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) चिन्मयानंद को और इसके साथ ही रंगदारी मांगने के केस में पीड़िता और उसके तीनों दोस्तों की आवाज का भी नमूना लखनऊ लाया गया है। लखनऊ की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में पांचों आरोपितों के आवाज के नमूने लिये जाएंगे, जिसका वायरल हुए वीडियो से मिलान कराया जाएगा। आवाज का सैंपल लेने के लिए पांचों आरोपितों को लखनऊ स्थित लैब ले जाने के लिए सीजेएम कोर्ट की अनुमति का पत्र चार अक्टूबर को जेल प्रशासन तक पहुंच गया था।

सूत्रों के मुताबिक पता चला है की बुधवार सुबह करीब छह बजे एसआइटी पहले छात्रा को लखनऊ फोरेंसिक लैब ले जाने के लिए शाहजहांपुर जेल से निकली। इसके करीब तीन घंटे बाद यानी नौ बजे चिन्मयानंद को कड़ी सुरक्षा में जेल गेट के अंदर से ही गाड़ी में बैठाकर एसआइटी लखनऊ लेकर चली गई। जेल प्रशासन के मुताबिक करीब 11 बजे के बाद छात्रा के तीनाें साथी सचिन, संजय और विक्रम को लखनऊ भेजा गया। जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर चिन्मयानंद, छात्रा व तीन अन्‍य आरोपियों को अलग-अलग समय पर जेल से लखनऊ के लिए भेजा गया। 6 गाड़ियों में 25 पुलिस वालों के साथ पीड़िता लाई गई।

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वायरल वीडियो है अहम मुद्दा

एसआइटी का दावा है कि जांच के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद, छात्रा और तीनों युवकों ने वीडियो में अपनी मौजूदगी स्वीकारी है। यही नहीं विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में भी वीडियो सही पाए गए हैं। उनसे टेंपरिंग या एडिटिंग की बात सामने नहीं आई है, लेकिन जिन लोगो की आवाज इन वीडियो क्लिप में है। वह आरोपितों की ही है इससे यह साबित करने के लिए उनका वॉयस सैंपल टेस्ट होना जरूरी है। ताकि एसआइटी अपनी जांच को सही बताते हुए हाई कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रख सके। इसलिए पांचों लोगों को लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला ले जाने की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से अनुमति ली गई थी। अब एसआइटी इन आरोपितों को वॉयस सैंपल टेस्ट के लिए लखनऊ लेकर आया गया है।

कई वीडियो हुए वायरल

पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद और उन पर रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा के कुछ आपत्तिजनक वीडियो 10 सितंबर को वायरल हुए थे। उसी दिन शाम को एक और वीडियो वायरल हुआ था, जो चिन्मयानंद से रंगदारी मांगे जाने के मामले से संबंधित बताया जा रहा है। इसी दौरान इससे जुड़ा एक और वीडियो 26 सितंबर को वायरल हुआ था। एसआइटी ने वायरल वीडियो से पांचों की आवाज मिलान के लिए रिमांड मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने चार अक्टूबर को अनुमति दे दी थी।