आत्म रक्षा के लिए कुंग फू जरूर सीखें महिलाएँ-बोबड़े

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देश में महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों को मद्देनजर रखते हुए  हमारी जनता आये दिन सरकार से महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून मांग करती है। लेकिन कही न कहि महिलाओं और बेटियों को अपनी आत्मरक्षा खुद भी करना सीखना चाहिए। जो बहुत जरुरी होता है। इसी विषय में आज भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े ने कहा की महिलाओं को अपनी आत्मरक्षा के लिए कुंग फू सीखना चाहिए। इसे वे चाहे जहाँ जैसे स्थिति में हो अपनी आत्मरक्षा क्र सकती है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की 13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ आज बाबू के.डी.सिंह स्टेडियम के बहुउद्देशीय हॉल में हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े और खेल निदेशक डा. आर.पी.सिंह  ने दीप प्रज्जवलित करके किया। भारतीय कुंग फू फेडरेशन की महासचिव मंजू त्रिपाठी ने बताया कि आज से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ शुरू हो गया। इस प्रतियोगिता में 18 राज्यों के 500 कुंग फू खिलाड़ी भाग लेंगे।

प्रतियोगिता के उद्घाटन के मौके पर भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े ने कहा कि आज इस खेल की समाज को आवश्यकता है। खास तौर से हमारी बहन-बेटियों को आत्मा रक्षा कजे लिए इस कला को जरूर सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस खेल का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। सरकार सभी बच्चों को स्कूलों में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिलाए।

इस अवसर पर खेल निदेशक डा. आर.पी. सिंह ने कहा कि मार्शल आर्ट्स यानी कुंग फू खेल स्वस्थ भारत, समर्थ भारत और अनुशासित भारत तथा अनुशासित नागरिक तैयार कर सकता है। आज अधिकतर युवा पीढ़ी खेलों से दूर होती जा रही है। खेलों के बजाय मोबाइल में लगकर अपना जीवन अंधकार में कर रहे है।

महिला सशक्तिकरण के लिए ही यह खेल बहुत ही आवश्यक है। इस खेल के जरिए सभी महिलाये अपनी आत्मा रक्षा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस खेल को हर नागरिक को सीखना चाहिए।  इस अवसर पर भारतीय कुंग फू संघ के उपाध्यक्ष डा. चंद्र सेन वर्मा, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, उपनिदेशक शिक्षा कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेंद्र कुमार, जे.पी. शुक्ला आदि गणमान्यजन मौजूद थे।