‘चाचा भतीजा’ में बढ़ी तल्खी, शिव पाल ने कह दी बड़ी बात….

समाजवादी पार्टी ने इटावा के जसवंतनगर से पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह यादव की विधानसभा सदस्यता रद कराने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसी बीच प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने भी अपनी आगे की तैयारी शुरू भी कर दी है। समाजवादी पार्टी ने विधानसभा में शिवपाल सिंह यादव के जसवंतनगर सीट से सपा विधायक को लेकर आपत्ति दर्ज करा दी है। ऐसा माना जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष इस पर जल्द ही कोई फैसला ले सकते हैं। वर्तमान में शिवपाल सपा से जसवंतनगर सीट से विधायक हैं।

सपा द्वारा विधानसभा में शिवपाल सिंह यादव के विधायक होने को लेकर आपत्ति दर्ज कराने के बाद शिवपाल ने आज पत्रकारों से वार्ता कर कहा कि जसवंतनगर उनका गढ़ है।शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जब भी चुनाव होंगे जसवंतनगर से ही लड़ेंगे। यहां की जनता ने बहुत प्यार दिया है। बहुत समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मैं सपा से बहुत पहले ही इस्तीफा दे चुका हूं।

शिवपाल ने कहा कि वह जसवंतनगर से ही चुनाव लड़ेंगे, चाहे समाजवादी पार्टी मैदान में हो या कोई और उन्होंने कहा कि जसवंतनगर से मुझे कोई अभी तक चुनाव नहीं हरा पाया, क्योंकि यहां की जनता हमारे साथ है। उन्होंने एलान किया कि अगर मेरी सदस्यता खत्म होगी तो मैं फिर से जसवंतनगर सीट से उपचुनाव लड़ूंगा। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार के बाद उम्मीद की जा रही थी कि मुलायम सिंह यादव का परिवार फिर से एकजुट हो सकता है और अखिलेश अपने चाचा शिवपाल से मधुर संबंध बनाने की चेष्टा करेंगे। मगर, इस दिशा में कोई प्रयास करने के बजाए सपा ने दलबदल कानून के तहत शिवपाल सिंह यादव की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभा में याचिका लगाई है। राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा यह होने लगी है कि शिवपाल को कमजोर करके सपा अपना बेस वोट बचाने की कोशिश कर रही है।

शिवपाल का छलका दर्द, बोले-अखिलेश को नेता और मुख्यमंत्री माना।

मोदी योगी सरकार पर साधा निशाना

उन्होंने कहा, प्रसपा पूरे प्रदेश में किसानों की समस्या, बिजली के बढ़े दाम व अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इटावा में हुए प्रदर्शन में मैं भी शामिल हुआ। मंदी ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। केंद्र और प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर फेल हुई है।

क्या है पूरा मामला

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा में पार्टी के विधायक और अपने चाचा शिवपाल के विधायक पद को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने चाचा की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए एक लेटर भी दिया है। माना जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष इसपर जल्द ही कोई फैसला ले सकते हैं। बता दें, शिवपाल वर्तमान में जसवंतनगर सीट से सपा विधायक हैं। अगर इनकी सदस्यता खत्म होती है तो इस सीट पर उपचुनाव होंगे। जहां शिवपाल ने दोबारा प्रसपा से चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है।

सपा ने सदस्यता खत्म करने के लिए लिखा पत्र

महीने की शुरुआत में समाजवादी पार्टी ने शिवपाल यादव की सदस्यता खत्म करने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा था। समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव के साथ मनमुटाव बढ़ने पर शिवपाल यादव ने अलग होकर पिछले साल अगस्त में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली थी, लेकिन तकनीकी तौर पर वह समाजवादी पार्टी से ही विधायक थे।

विधानसभा में विपक्ष के नेता और सपा के वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी की ओर से दलबदल विरोधी कानून के आधार पर शिवपाल यादव की सदस्यता निरस्त करने के लिए विधानसभा सचिवालय को 4 सितंबर को ही पत्र लिखा गया।

प्रदेश भर में प्रसपा का प्रदर्शन

बुधवार से प्रसपा ने पूरे प्रदेश में किसानों की समस्या ,बिजली के बड़े दाम व अन्य मुद्दो पर प्रदेश भर में प्रदर्शन किया। इस पर शिव पाल ने कहा की मंदी ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है और व्यापार ख़त्म हो गया है। केंद्र व प्रदेश सरकार मोर्चे पर विफल साबित हुई है। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री राम सेवक यादव गंगापुरा मौजूद थे।