लखीमपुर खीरी : मोमबत्ती व चाइनीज झालरों की खरीद से आखिर क्या होगी कुम्हारों की स्थिति ?

purchase of candles and Chinese frills?
Lakhimpur Kheri

लखीमपुर खीरी :। जिले में दीपावली के पर्व को लेकर कुम्हारों ने मिट्टी के दीए बनाने का कार्य जोरों पर शुरू कर दिया है। लेकिन दियों की खरीदारी न होने से कुम्हारों के हालात काफी दयनीय हो गये है क्योंकि वहीं लोग मोमबत्ती व चाइनीज झालरों की ही खरीदारी करते नज़र आ रहे है।

आपको बता दें असत्य पर सत्य की जीत व प्रकाश पर्व के नाम से जाना जाने वाला दीपावली पर्व के अब मात्र कुछ ही दिन बचे हुए हैं। कभी दीयों की रोशनी से जगमगाने वाला दीपावली का पर्व कुछ सालों से आधुनियकता के साथ चायनीज झालरों व मोम्बत्तियों की चमक दमक में ही नज़र आ रहा है,इसी कारण इस बार भी लोग मिट्टी के दियो की खरीदारी नहीं कर रहे हैं। देखा जाये तो एक सरकार लोगों को मिट्टी के दियों के प्रति जागरुक करने की लगातार कोशिश कर रही है लेकिन फिर भी आधुनिकता की चकाचौंध में मिट्टी के दीयों की रोशनी फीकी सी हो गई है।

वही कुम्हारों के हालात का जायजा लेने के लिए लखीमपुर खीरी के संवाददाता फारुख हुसैन ने कुम्हारों से बातचीत की जिसमें कुम्हारों ने बताया कि आधुनिकता की चकाचौंध में लोग दीपों के महत्व को भूल गए हैं। उन्होंने बताया कि दीपों से होने वाले प्रकाश का अपना अलग महत्व है। उनके द्वारा हर साल की तरह इस बार भी मिट्टी के दीपों के बनाने का कार्य जोरों पर किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिक्री हो या न हो लेकिन वह अपनी परम्परा व कर्तव्य से पिछे नही हटेंगे। लेकिन दियों की बिक्री ना होने और इस मंहगाई के दौर से हम लोगों के हालात बहुत ही ज्यादा खराब हो गए हैं परिवार को चलाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। वही कुम्हारों ने सरकार से मदद की गुहार भी लगाई है।

रिपोर्ट:-फारुख हुसैन…

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