नेशनल जनसंख्या रजिस्टर NPR क्या है ।

National Population Register को कल कैबिनेट की बैठक में अपडेट करने के लिए मंजूरी दे दी गयी है। इससे पहले UPA की सरकार में इसको अपडेट किया गया था। तो आईये जानते है की NPR क्या है।यह भारत सरकार का एक डेटाबेस है, जिससे भारत में रह रहे लोगों की पहचान की जाती है। इस डेटाबेस की देख-रेख भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त द्वारा किया जाता है। भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए एनपीआर में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। कोई भी व्यक्ति जो 6 महीने या उससे अधिक समय से किसी इलाके में रह रहा हो तो उसे इस  रजिस्टर में नामांकन कराना जरूरी होता है।

यह रजिस्टर नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत स्थानीय, उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है। एनपीआर के लिए हर व्यक्ति को अपनी लगभग 15 जानकारियां बतानी होती है, जिसमें व्यक्ति का नाम, माता पिता, लिंग, जन्म, शैक्षणिक स्थिति, वर्तमान और स्थानीय पता आदि शामिल हैं।

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हाल ही में कैबिनेट की बैठक में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को अपडेट करने की मंजूरी मिली है । इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मीडिया को दी। उन्होंने कहा,यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार ने “पहली बार इसे साल 2010 में अपडेट किया था, अब इसे दस साल बाद हम अपडेट कर रहे हैं। यानी साल 2020 में। हम कुछ भी नया नहीं कर रहे।”

तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को तीन चरणों में पूरा किया जायेगा। चरण अप्रैल 2020 से 30 सितंबर के बीच होगा। जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी घर-घर जाकर डाटा कलेक्ट करने का कार्य करेंगे। वहीं दूसरा  चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 के बीच पूरा होगा। तीसरे चरण 1 मार्च से 5 मार्च  के बीच पूरा किया जायेगा जिसमें संशोधन  की प्रक्रिया होगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनपीआर के लिए 3941 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं। नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर की पूरी प्रक्रिया एक विशेष ऐप द्वारा तैयार की जाएगी। इस प्रक्रिया में किसी दस्तावेज या बायोमीट्रिक की जरूरत नहीं होगी।  अब जबकि कैबिनेट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को मंजूरी दे दी है। सरकार का अगला कदम राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) प्रक्रिया शुरू करने की होगी।