अयोध्या पर फैसले को लेकर क्या कह रहा है विदेशी मीडिया?

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अयोध्या के राम मंदिर को लेकर सालों से फैसले का इंतज़ार किया जा रहा था। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवम्बर को इस विवादित स्थल का फैसला सुना दिया है जहाँ पर राम मंदिर का निर्माण होना तय हुआ है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 460 साल पुरानी मस्जिद गिराए जाने को संविधान का उल्लंघन करना कहा है। इससे पहले 30 सितम्बर 2010 को इलाहाबाद की हाईकोर्ट ने इसके तीन हिस्से किये थे जिसमे एक तिहाई हिस्सा मस्जिद के निर्माण के लिए दिया गया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले को कुछ पक्षो ने मानने से इंकार कर दिया था जिसके पश्चात मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

यह है विदेशी मीडिया की प्रतिक्रियाएं

अयोध्या फैसले पर इन बड़े नेताओं ने दिया ये बयान

  • पाकिस्तानी समाचार पत्र ‘डॉन’ का कहना है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी वादे की जीत है जो उन्होंने सत्ता में आने के लिए धर्म विशेष मतदाताओं से किया था। इस फैसले के बाद आपसी भाईचारे पर असर पड़ सकता है।
  • अल जजीरा का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर सालों से प्रचार कर रही है। मंदिर के पक्ष में फैसला आना भारतीय जनता पार्टी के दूसरे कार्यकाल की बड़ी जीत है।
  • ब्रिटिश के अखबार ‘द गार्जियन’ ने भी प्रतिक्रया देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दुबारा सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी के लिए यह ऐतिहासिक फैसला है और उनकी बड़ी कामयाबी है।
  • अमेरिकी अखबार ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने कहा कि भगवान् राम के लिए विवादित स्थान पर मंदिर बनवाना भाजपा का उद्देश्य था। सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थल को ट्रस्ट को देने का फैसला किया है। अब उस जगह पर मंदिर बनाने का रास्ता साफ़ हो गया जहाँ पर मस्जिद हुआ करती थी।
  • यूएई के ‘गल्फ न्यूज़’ ने लिखा है कि 134 सालों का विवाद 30 मिनट में सुलझा लिया गया है। हिन्हुओं को अयोध्या की विवादित ज़मीन मिल गई है जबकि मुसलामानों को वैकल्पिक ज़मीन दी गई है।