आजादी के दशकों बाद भी ये गांव सरकारी योजनाओं से है वंचित

Villages deprived of government schemes
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आजादी के दशको साल बीत जाने के बाद भी सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली के गांव का विकास आज भी जंजीरों में बंधा हुआ है जिसका सीधा असर अब तो घर की बहन बेटियों  की शादियों पर पड़ने लगा है।

दरअसल मामला रायबरेली के रायपुर रोहनिया ग्राम सभा का है। जहां बीते 70 सालों में विकास की सुई एक ही जगह अटकी हुई है, ना सड़क की उचित व्यवस्था ना ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री आवास व शौचालय योजना धरातल पर पहुंच पा रही है।

ऐसे में घर की बहन-बेटियों की शादियों के लिए भी रिश्ते लौट जा रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं क्षेत्र में बना पंचायत भवन भी अब गौशाला में तब्दील हो गया है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकार से किस गांव को एक सौतेला व्यवहार के तहत गुजारना पड़ रहा है।

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ग्रामीणों की माने तो क्षेत्र में विकास की सुई अटकी हुई है और क्षेत्र में सरकारी योजनाओं को अभी तक नहीं लाया जा सका है। जिससे वह लोग प्रधानमंत्री आवास व शौचालय सहित कई योजनाओं से अछूते रह गए हैं। आज भी एक ऐसा परिवार जिसमें खाने के भी अन्य नहीं मौजूद है। क्योंकि कई परिवारों के राशन कार्ड तक नहीं बन पाए हैं इस पूरी चीज को लेकर ग्रामीण पूर्ण रूप से ग्राम प्रधान पर अपना आक्रोश जाहिर करते हुए नजर आए हैं।

रिपोर्ट – अभिषेक बाजपेयी

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