प्लाट बेचने के नाम पर रूपए हड़पने वाला शातिर जालसाज़ गिरफ्तार

  • ऑपरेशन 420 के तहत आर सन्स इंफ्रालैंड डेवलपर्स कंपनी का शातिर जालसाज़ लगा हाथ
  • कई मुकदमों में चल रहा था वांछित, उसके ऊपर थाना गोमती नगर में दर्ज हैं 22 मुक़दमे

राजधानी लखनऊ में एसएसपी कलानिधि नैथानी द्वारा धोखाधड़ी और जालसाज़ों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन 420 के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। थाना गोमतीनगर की पुलिस को प्लाट बेचने के नाम पर रूपए ऐंठने वाला आर सन्स इंफ्रालैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का शातिर जालसाज़ हाथ लगा है। इस जालसाज़ का नाम रामसेवक है जो जनपद बाराबंकी के थाना मसौली के अंतर्गत मोहल्ला बसुड़िया के सुरसण्डा गांव का रहने वाला है और उसके पिता का नाम ढोणे है।

अमेज़ॉन कंपनी को करोड़ों का चूना लगाने वाले आरोपी गिरफ्तार

यह जालसाज़ कंपनी के एमडी आशीष श्रीवास्तव की गाडी चलाता था। एमडी ने कुछ ज़मीन इसके नाम करवा दी थी। एमडी के ज्यादा नज़दीकी होने की वजह से लोग इसके जाल में फंस जाते थे और प्लाट के नाम पर कंपनी में धन लगाते थे। रामसेवक कुछ लोगों को प्लाट की रजिस्ट्री भी अपने हस्ताक्षर से कर देता था और उनसे धन ले लेता था। रामसेवक का अपना एक गिरोह है जिनके साथ मिलकर वह आम लोगों से लाखों रूपए हड़प कर लेता था। उसके गिरोह के सरगना आशीष श्रीवास्तव को थाना गोमतीनगर की पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।

रामसेवक कई मुकदमों में वांछित चल रहा था और उसके ऊपर थाना गोमती नगर में 22 मुक़दमे दर्ज हैं। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि जनता के साथ धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।