UPSC Topper Garima Lohia ने रचा इतिहास, UPSC परीक्षा में हासिल की दूसरी रैंक

UPSC Topper Garima Lohia

संघ लोक सेवा आयोग हर साल सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करता है और हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में शामिल होते हैं। कहा जाता है कि यह दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। इस एग्जाम को पास करना हर एक एस्पिरेंट का सपना होता है एक बार एस्पिरेंट इस परीक्षा के चक्रव्यूह में फंस जाए तो इससे बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है।

कई अभ्यर्थी तो ऐसे होते है जो इस परीक्षा को एक या दो बार में पास कर लेते है वही कई को तो सालो लग जाते है, और कई लोगो का UPSC क्लियर करने का सपना पूरा नहीं हो पता है। गरिमा लोहिया ने देश की सबसे कठिन परीक्षा को दूसरे प्रयास में पास कर लिया।

UPSE रैंक 2 गरिमा लोहिया

बिहार के बक्सर की रहने वाली गरिमा लोहिया ने UPSC परीक्षा में देश में दूसरा स्थान (UPSC AIR 2) प्राप्त कर सफलता का कीर्तिमान रच दिया। वहीं, UPSC Topper Garima Lohia की सफलता की खबर फैलते ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है. देश में बक्सर का नाम रोशन करने वाली बेटी को जिले के लोग बधाई दे रहे हैं. वहीं घर पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। उनकी इस सफलता से पूरे जिले और बिहार प्रान्त के लोग काफी खुश है।

संघ लोक सेवा आयोग की इस कठिन परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली गरिमा लोहिया बक्सर शहर के बंगाला घाट के समीप स्थित चर्च के पास रहती हैं। उनके पिता का नाम स्व.नारायण प्रसाद लोहिया है और माता का नाम सीता लोहिया हैं. वह तीन भाई बहनों में दुसरे नंबर पर हैं।

कोरोना काल में भी नहीं मानी हार

गरिमा लोहिया यूपीएससी टॉपर ने बताया कि उनकी पढाई बक्सर के ही वुड स्टॉक स्कूल से हुई है। उन्होंने सनबीम स्कूल भगवानपुर से 12वीं की और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक किया है। गरिमा ने बताया कि कोरोना काल में जब लॉक डाउन लगा तो वह बक्सर लौटीं।

उसके बाद उन्होंने 2021 में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की ,क्योकि उनका लक्ष्य आईएएस बनना था। उन्होंने घर पर ही रहकर तैयारी शुरू की , उन्होंने खुद से और ऑनलाइन माध्यमों से पढाई की। गरिमा लोहिया ने कहा उन्हें उम्मीद थी कि सफलता मिलेगी, लेकिन देशभर में दूसरी रैंक आएगी ये कभी नहीं सोचा था।

गरिमा ने पिता के सपनो को साकार किया

गरिमा लोहिया ने अपने संघर्षो को याद करते हुए कहा की जब आठ साल पहले 2015 में उनके पिता स्व. नारायण प्रसाद लोहिया की दुखद मृत्यु के बाद वो काफी टूट गयी थी लेकिन उसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी , वो इस कठिन समय में अपनी माँ का सहारा भी बनी और अपनी पढाई भी जारी रखी। उन्होंने बताया की उनके पिता का सपना था की वो अपनी बेटी को IAS अधिकारी बनता देखे उन्होंने मेहनत कर के अपने पिता के सपने को साकार किया। उनकी माँ ने उन्हें इस सपने को पूरा करने के लिए बहोत साथ दिया।

UPSC की तैयारी घर पर की

गरिमा लोहिया ने बताया की जब कोरोना काल के समय 2020 में लॉक डाउन लगने के कारण जब देश के सभी शिक्षण संस्थान बंद हो गए तो उन्हें भी दिल्ली से वापस बिहार अपने घर आना पड़ा , फिर उन्होंने घर पे ही खुद से तैयारी की। उन्होंने ऑनलाइन पढाई शुरू की।

गरिमा ने कहा की जरुरी नहीं की आप UPSC क्लियर करने के लिए किसी महँगी कोचिंग को ज्वाइन करे न ही किसी बड़े शहर जाने की जरुरत है। अगर आप मोटिवेटेड है कठिन परिश्रम कर सकते है तो आप घर पर रहकर ही ऑनलाइन सोशल मीडिया से पढाई कर सकते है।

बिहार कैडर ले कर करेंगी अपने राज्य की सेवा

गरिमा लोहिया ने बताया की उन्होंने अपने गृह राज्य बिहार को ही अपना कैडर चुना , वो बिहार में ही रहकर अपने राज्य और अपने लोगो की सेवा करनी है। उन्होंने कहा राज्य की जरूरतों के देखते हुए शिक्षा में बहुत काम करने की जरुरत है। राज्य की प्रारंभिक शिक्षा को सुधारने की जरुरत है उसके लिए प्रयास करूंगी। इसके अलावा, बिहार की महिलाओं के लिए मैं कुछ करना चाहती हूँ । बिहार में 55 फीसदी युवा 18 साल से कम वाले हैं, इसलिए उनके लिए मैं कुछ ऐसा कर पाऊं तो सुकून मिलेगा।

 

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