UPPCL पीएफ घोटाला मामला, नूतन ठाकुर ने रखी ये मांग

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उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) में कर्मचारियों के पीएफ (PF) घोटाले को लेकर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कार्यकर्ता (Activist) डॉ. नूतन ठाकुर ने आर्थिक अपराध शाखा (EOW) पर भेदभावपूर्ण कार्यवाही करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि यूपीपीसीएल पीएफ घोटाला में अभियुक्त एपी मिश्रा, पूर्व एमडी, यूपीपीसीएल के अधिवक्तागण द्वारा उनकी जमानत याचिका पर बहस के दौरान ईओडब्ल्यू ने भेदभावपूर्ण कार्यवाही किया और यूपीपीसीएल के तत्कालीन अध्यक्ष आईएएस अफसर संजय अग्रवाल के प्रति अनुचित नरमी दिखाई है।

डॉ. नूतन ठाकुर ने मांग किया है कि संजय अग्रवाल के संबंध में भी सही ढंग से अन्वेषण किया जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजा है जिसमे कहा गया है कि कोर्ट में एपी मिश्रा के अधिवक्ता लगातार यह कह रहे थे कि सिर्फ एमडी होने और एक ट्रस्ट में सदस्य व दूसरे में सिर्फ विशेष आमंत्रित सदस्य होने के बावजूद एपी मिश्रा को अभियुक्त बना दिया गया जबकि यूपीपीसीएल के अध्यक्ष होने तथा दोनों ट्रस्ट का प्रथम ट्रस्टी होने के बाद भी सिर्फ इस आधार पर संजय अग्रवाल खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी कि उन्होंने ट्रस्ट की बैठकों में खुद के हस्ताक्षर को अपना हस्ताक्षर होने से मौखिक रूप से इंकार कर दिया है।

UPPCL घोटाले में जेल में बंद आरोपियों की बढ़ी मुसीबत

एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने आगे कहा है कि सच में यह अनुचित है कि केवल एक वरिष्ठ आईएएस अफसर होने की वजह से अग्रवाल की इस बात को आँखें बंद करके मान लिया जाये। डॉ. नूतन ठाकुर ने संजय अग्रवाल की भूमिका के संबंध में गहराई से जांच किये जाने के संबंध में मुख्यमंत्री योगी से अपील किया है।