फ़र्ज़ी चेक से पैसा निकालने वाले तीन जालसाज़ गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में लखनऊ विश्वविद्यालय से फर्जी चेक से पैसा निकालने वाले तीन शातिर जालसाजों को पकड़ लिया गया है। फर्जीवाड़े में पकडे गए तीन लोगों में पटना के अमरेन्द्र कुमार, रोनित गुप्ता और दिल्ली के सुशील कुमार यादव के नाम शामिल हैं।

इन जालसाज़ों ने 10 परसेंट का लालच देकर एकाउंट में पैसा लगवाया था। फर्जीवाड़े क़ा तार दिल्ली से लेकर बिहार की राजधानी पटना तक जुड़ा हुआ है। राजधानी दिल्ली का मास्टर माइंड पंकज जैन और पटना क़ा मास्टर माइंड मानस अभी भी फरार चल रहे हैं। इन दोनो मास्टर माइंड के गिरिफ्तार होने के बाद ही बैंक और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों क़ा नाम सामने आ सकेगा।

चेक क्लोनिंग करके लखनऊ विश्वविद्यालय से उड़ाए 1 करोड़ रुपये

पुलिस के निशाने पर पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक तथा केनरा बैंक हैं। पुलिस को शक है कि इन बैंको के कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है। अभियुक्तों ने चेक क्लोनिंग के ज़रिये लखनऊ विश्वविद्यालय के खाते से 1.09 करोड़ रूपए निकाल लिए थे जिसके बाद लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रशासन ने 4 अक्टूबर को केके कंस्ट्रक्शन, दिव्या इलेक्ट्रिकल्स, शाह एजेंसी, मैसर्स विश्वकर्मा, मैसर्स मीना ऐंड संस और मैसर्स वैष्णा इंटरप्राइजेज के खिलाफ हसनगंज कोतवाली में FIR लिखवाई थी।