मुख्यमंत्री की कुर्सी में होती है बहुत सी कीलें -उद्धव ठाकरे

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महाराष्ट्र सरकार में फिर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बता दे की शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को मंगलवार को तीनों दलों के विधायकों की बैठक में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन का नेता चुना गया है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 1 दिसम्बर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।हालाँकि इससे पहले खबरें थी कि उद्धव ठाकरे 29 नवम्बर को शपथ लेंगे।

इस दौरान कांग्रेस नेता बाला साहेब थोराट ने मंगलवार देर रात कहा कि उद्धव ठाकरे 29 नवंबर को शिवाजी पार्क में सीएम पद की शपथ लेंगे। उन्होंने कहा कि विधायकों को अपने क्षेत्र में लौटना है। जिसके कारण शपथ ग्रहण को कार्य पहले करना पड़ रहा है। शपथ ग्रहण समारोह शाम 6.40 बजे होगा। बता दे की मुंबई के शिवाजी पार्क में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी न्योता भेजा जाएगा। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत से जब सवाल किया गया कि क्या शपथ ग्रहण में पीएम मोदी को भी न्योता भेजा जाएगा तो उन्होंने कहा कि हां, हम सबको निमंत्रण भेजेंगे।

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गौरतलब है की मंगलवार को शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी नेताओं की बैठक हुई। इसमें उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र विकास अघाड़ी का नेता चुन लिया गया। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने बैठक में मौजूद नेताओं को संबोधित किया। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके साथ 30 साल थे। उन्होंने ने ही साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जो सरकार हम बनाने वाले हैं। मुझे नहीं लगता इससे पहले किसी सरकार में इतने अनुभवी नेता रहे हैं।

इस दुराण उद्धव ठाकरे ने कहा की लोग कुछ भी कहें लेकिन उन्‍हें मुख्‍यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने के लिए विचारधारा के स्‍तर पर काफी कुर्बानी देनी पड़ी है। बाला साहेब ठाकरे के समय से लेकर अब तक हिंदुत्‍व की विचारधारा पर जोर देने वाली शिवसेना को इस मुद्दे को छोड़ना पड़ा है। सरकार चलाने के लिए शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच बने कॉमन म‍िनिमम प्रोग्राम में हिंदुत्‍व के मुद्दे को बाहर कर दिया गया है। यही नहीं शिवसेना ने राम मंदिर, आर्टिकल 370 तथा समान नागरिक संहिता से भी परहेज करने के संकेत दिए हैं।