UPPCL के तत्कालीन वित्त निदेशक और महानिदेशक गिरफ्तार

Awazeuttarpradesh

उत्तर प्रदेश के एक बहुत ही हाई प्रोफ़ाइल मामले में डीएचएफएल में हुए करोड़ों के घोटाले को लेकर यूपीपीसीएल के तत्कालीन वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी और महानिदेशक पीके गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। ऊर्जा विभाग में हुए इस बड़े घोटाले के खुलासे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर यह कार्यवाही की गई है। दोनों अधिकारियों को देर रात हजरतगंज पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

समाजवादी पार्टी के समय 2014 में डिफॉल्टर कंपनी डीएचएफएल में यूपीपीसीएल के 45 हज़ार कर्मचारियों के भविष्य निधि के निवेश मामले में प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई किया है। तत्कालीन वित्त निदेशक और महानिदेशक पर कंपनी में पैसा निवेश कराने के आरोप में कोतवाली हजरतगंज में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रदेश सरकार ने डीएचएफएल में फंसे करीब 1600 करोड़ रुपए को निकालने की कोशिश कर रही है और इसके लिए सीबीआई से जांच कराने का फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि “सरकार भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी। जांच सीबीआई को दे दी गई है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा”। उत्तर प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड ने अपने कर्मचारियों के 2600 करोड़ रुपए से अधिक के फंड (PF) को निजी कंपनी डीएचएफएल में निवेश किया है। कंपनी ने यह फैसला 5 साल पहले उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर इंपलाइज ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में लिया था जिसके बाद मार्च 2017 से दिसंबर 2018 तक कर्मचारियों का 2631.20 करोड़ रुपए डीएचएफएल कंपनी में जमा किया गया था। इसमें 1 हजार करोड़ रुपए तो वापस मिल गया है लेकिन इसी दौरान मुंबई हाईकोर्ट ने डीएचएफएल द्वारा किए जाने वाले सभी भुगतान पर रोक लगा दिया है। कुछ समय पूर्व कंपनी के प्रमोटरों से प्रवर्तन निदेशालाय ने दाऊद के पूर्व सहयोगी इकबाल मिर्ची की कंपनी के साथ संबंधों को लेकर पूछताछ किया था जिसके चलते यह रोक लगाईं गई है। अब कंपनी में कर्मचारियों का लगभग 1600 करोड़ रुपए फंसा हुआ है।

उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्डइंजीनियर्स एसोसिएशन के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से सभी कर्मचारियों का पैसा वापस लाने की मांग किया है। एसोसिएशन के महासचिव राजीव कुमार ने कहा है कि “अभी भी 1600 करोड़ रुपए से अधिक धनराशि डीएचएफएल कंपनी में फंसी हुई है। सरकार यह पैसा वापस लाए और सुनिश्चित करे कि इस तरह की कंपनियों में अब कर्मियों का पैसा निवेश नहीं किया जाएगा”।

इस मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने ट्वीट करते हुए कहा था कि “उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने राज्य के पॉवर कॉरपोरेशन के कर्मियों की भविष्य निधि का पैसा डीएचएफएल जैसी डिफॉल्टर कंपनी में फंसा दिया”। उन्होंने प्रदेश सरकार से सवाल पूछा था कि “किसका हित साधने के लिए कर्मियों की 2000 करोड़ से भी ऊपर की गाढ़ी कमाई को इस तरह की कंपनी में लगा दिया गया। कर्मचारियों के भविष्य के साथ ये खिलवाड़ जायज है?”।

इस प्रकरण के सम्बन्ध में ऊर्जा विभाग के मंत्री श्रीकांत शर्मा और प्रमुख सचिव आलोक कुमार 3 नवम्बर को दोपहर 1:00 बजे मीडिया सेन्टर लोक भवन में प्रेस वार्ता करेँगे। इसके बाद शाम को 4:30 बजे UP कांग्रेस कमेटी मुख्यालय ,नेहरूभवन में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू प्रेस कांफ्रेस करेंगे।