16 साल पहले हुए कोंच नरसंहार कांड पर अदालत ने सुनाया फैसला

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● 16 साल पहले कोंच कोतवाली मामले पर आय फैसला
● कोंच नरसंहार कांड पर अदालत ने सुनाया फैसला
● सीओ व 5 पुलिस कर्मियों सहित 7 लोगो को सुनाई गई सजा

सुप्रीम कोर्ट ने कोंच नरसंहार कांड के चर्चित मामले में अदालत ने शुक्रवार को फैंसला सुनाया है। बात दे की लगभग 16 साल पहले 1 फरवरी 2004 में कोतवाली के अंदर जघन्य वारदात, कोंच में 3 लोगों की पुलिस वालों ने की हत्या कर दी थी। इस मामले में आज है कोर्ट का फैसला आ गया है। बात दे की कोर्ट ने सीओ भगवान सिंह के साथ की 5 पुलिस कर्मियों सहित 7 लोगो को आजीवन करवास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायालय ने सभी दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा के साथ उन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।अपर सत्र न्यायालय के इस फैसले को लेकर मृतक के परिजनों के चेहरे पर ख़ुशी देखने को मिली।

अदालत के फैसले से दिखा ख़ुशी का माहौल

कानपुर के कर्नलगंज सर्किल के सीओ भगवान सिंह को जालौन जनपद की अदालत ने सामूहिक हत्याकांड के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गौरतलब है की 2004 में कोंच कोतवाली परिसर में हुए इस हत्याकांड में सीओ भगवान सिंह के साथ अन्य छह लोगों को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है। बता दे की घटना के मुख्य आरोपी कोंच के तत्कालीन थाना प्रभारी देव दत्त सिंह राठौर तथा सिपाही भगवान सोनी की मुकदमें की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।

16 वर्ष पहले के मामले पर अब हुआ फैसला

बता दे की जालौन जिले की कोंच कोतवाली में फरवरी 2004 में सपा नेता सुरेंद्र सिंह, उनके छोटे भाई रोडवेज कर्मचारी महेंद्र सिंह निरंजन और दयाशंकर झा की हत्या हो गई थी। इस मामले में तत्तकालीन थाना प्रभारी देव दत्त सिंह रौठार सहित अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा लिखाया गया था। वर्तमान में सीओ कर्नलगंज के पद पर तैनात भगवान सिंह तब कोंच कोतवाली में उप निरीक्षक थे और तब भी अपनी तेज तर्रार कार्यशैली के कारण चर्चा में रहते थे। थाना परिसर में सपा नेता सहित चार लोगों की हत्या के बाद उस समय पूरे जनपद में खूब बवाल हुआ था। 15 वर्ष से विचाराधीन इस मुकदमें में गुरुवार अदालत ने सीओ भगवान सिंह सहित अन्य आरोपियों को दोषी माना था। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया था।

सीओ भगवान समेत सात लोगो को सुनाई गई सजा

अपर एवं सत्र न्यायाधीश एडीजे प्रथम अमित पाल सिंह ने सीओ भगवान सिंह, तत्कालीन दरोगा लालमणि गौतम, अनिल कुमार राठौर, कांस्टेबल अखिलेश कुमार, कांस्टेबल राम नरेश त्यागी, कांस्टेबल सत्यवीर सिंह और कांस्टेबल राकेश बाबू कटियार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही बीस-बीस रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।

अदालत के फैसले को मानकर शांति व्यवस्था बनाये रखे-कलानिधि नैथानी

कानपुर में कई गुडवर्क के लिए प्रसिद्ध है सीओ

वर्तमान में सीओ कर्नलगंज के पद पर तैनात भगवान सिंह के भाई ध्यान सिंह भी कानपुर के कई थानों में तैनात रह चुके हैं। कई कुख्यात अपराधियों से मुढभेड़ करने के साथ ही कानपुर में कई गुडवर्क करने वाले ध्यान सिंह हरबंश मोहाल, कोतवाली, चौबेपुर सहित कई थानों में तैनात रहे। बात दे की इस मामले के मुख्य आरोपी की मौत हो चुकी है।सीओ कर्नलगंज भगवान सिंह को आजीवन कारावास की सजा होने के बाद अधिकारियों ने मंथन किया। यह सर्किल अति संवेदनशील सर्किल माना जाता है और अगले कुछ दिनों में ही अयोध्या विवाद को लेकर फैंसला आना है।

कर्नलगंज सर्किल में नए सीओ की हो सकती है तैनाती

इसके चलते अधिकारियों के स्तर पर तय किया गया कि जल्द से जल्द सीओ की कर्नलगंज सर्किल में तैनाती कर दी जाए ताकि फैंसला आने के पहले वह क्षेत्रीय लोगों से संवाद कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में बेहतर काम कर सकें। इस संबंध में एसएसपी कानपुर अनंत देव तिवारी से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन नेटवर्क में कमी के चलते संपर्क हो नहीं सका। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आज रात तक ही कर्नलगंज सर्किल में नए सीओ की तैनाती हो सकती है।