TEA DAY पर जाने भारत और दुनिया की सबसे महंगी चाय के बारे में

tea day

आज 15 दिसम्बर को अंतराष्ट्रीय चाय दिवस है। Tea Day को भारत की शिफारिश पर सयुक्त राष्ट्र ने उत्पादन और खपत व ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 21 मई के दिन को Tea Day मानाने के लिए चुना पर बाद में चाय उत्पादन करने वाले देशों ने 15 दिसम्बर के दिन को चुना क्योंकि इस समय चाय का उत्पादन अच्छा होता है।

भारत में चाय पीने की शुरुआत ब्रिटिश शासनकाल से शुरू हुई थी। जब 1815 में अंग्रेज यात्रियों का ध्यान असम के स्थानीय कबाईलियों पर गया ये कबाइली कुछ पत्तियों को गर्म पानी में डाल कर पीते थे। कुछ समय बाद जब ये बात भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड बेटिक को पता चली तो 1834 में चाय के उत्पादन और परम्परा को शुरू करने के लिए एक समिति का गठन किया और फिर चाय की बढ़ती मांग को देखते हुए 1835 में असम में चाय की खेती की शुरुआत की गयी।

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मानना है की दुनिया में सबसे पहले चाय की शुरुआत चीन से हुई थी। कहते है की चीन के राजा शैन नुंग एक बार गर्म पानी पीने जा रहे थे और तभी उनके पानी में कुछ पत्तियां आकर गिरी और पानी का रंग थोड़ा बदल गया। चीन के राजा ने उसे पिया और उस गर्म पानी का स्वाद और खुशबू राजा को बहुत पसंद आयी। राजा ने उस पत्तियों के पौधे का पता लगाने को कहा। पौधे का पता लगाने के बाद राजा ने उसकी खेती करने का आदेश दिया। जिसके बाद धीरे-धीरे पूरे चीन में सब इसे पीने लगे और 1610 में डच व्यापारी चीन से चाय को यूरोप ले गए,जहाँ से धीरे-धीरे ये दुनिया में पी जाने लगी।

भारत और दुनिया में सबसे महंगी चाय की कीमत

भारत में अभी तक की सबसे महंगी चाय दार्जलिंग की है, जिसका नाम मनोहारी चाय है। इसके एक किलो ग्राम की कीमत 50 हजार रूपए है। वहीँ अगर हम दुनिया की सबसे महंगी चाय की बात करे तो उसकी कीमत इतनी है की उतने में आप 4 फरारी कार खरीद ले। दुनिया की सबसे महंगी चाय चीन की है, जिसकी एक किलोग्राम की कीमत 12 लाख 73 हजार 174 अमेरिकी डॉलर है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से इसकी कीमत 9 करोड़ रूपए है। इस चाय का नाम डाहुंग पाउ है। ये बहुत दुर्लभ है दुनिया में इसके सिर्फ 6 पौधे है,जोकि चीन में ही है। इस चाय की पत्ती को बकरी के दूध से धोकर सुखाया जाता है और इस पूरी प्रक्रिया में 80 साल का समय लगता है। एक इस चाय पत्ती की एक केतली पीने के लिए आपको 7 लाख रूपए देने पड़ेंगे। इसका स्वाद मीठा और हल्का तीखा होता है। ये औषधि की तरह है जो हजारो फायदे देती है।

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अब सवाल ये उठता है की इतनी महंगी चाय पीता कौन होगा। देश दुनिया में चाय के बड़े बड़े शौखिन है जो इस चाय को पीने के लिए चीन से मंगवाते है। तो कुछ चीन खास तौर पर इस चाय को पीने के लिए जाते है। इसको बेचने वाले किसी हीरे की तरह डाहुंग पाउ चाय को संभालकर रखते है। भारत में नीता अम्बानी जिस चाय को पीती है उसके एक कप की कीमत 3 लाख रूपए है। मालूम हो पहले भारत में सबसे ज्यादा चाय का उत्पादन होता था पर अब चीन भारत से एक कदम आगे निकल गया है।