Elon Musk पूरी दुनिया को देंगें फ्री में इंटरनेट ? आप भी जान लें –

.....हम AllReady सबसे सस्ता नेट Use कर रहे है..

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Technology की बात आते ही Elon Musk हमेशा दूसरों से एक कदम आगे सोचते हैं. Elon Musk SpaceX कंपनी के मालिक. 2002 में SpaceX अंतरिक्ष परिवहन यानि की Space में Sattelite Lauch करने या ले जाने में जो खर्चा लगता है. उस खर्चे को कम करने के लिए और मंगल ग्रह के लिए अंतरिक्ष मिशन को सफलता दिलाने के उद्देश्य से किया गया था। 2002 से अब तक इस कंपनी की तरक्की इस बात से आंकी जा सकती है ही. की आज यह कंपनी अपने क्षेत्र में दुनिया में पहला स्थान रखती है.

अब इन्होने एक कदम और आगे सोच लिया है, SpaceX अब अपने प्रोजेक्ट Starlink को बढ़ाने जा रही है। StarLink Project से इनका मकसद पूरी दुनिया में जहा Internat उपलब्ध है और जहा नहीं भी है हर एक गांव , हर एक गली को Internet देना है।

अब वो मिलेगा कैसे, क्या है पूरा सिस्टम-

22 अक्टूबर को Elon Musk ने एक पोस्ट भी ट्वीट किया जिसमें ऑर्बिट में स्टारलिंक सेटेलाईट के प्लेसमेंट की सफलता का संकेत दिया गया था. और उन्होंने कहा था. यह ट्वीट स्टरलिंक के जरिये अंतरिक्ष से भेजा गया है. अब कंपनी के अध्यक्ष ग्वेने शॉटवेल द्वारा आयोजित मीडिया राउंडटेबल में यह पता चला है कि SpaceX 2020 के मध्य तक अमेरिकी ग्राहकों को स्पेस एक्स इन सेटेलाइट्स के जरिए ब्रॉडबैंड सर्विस मुहैया कराएगी.SpaceX ने Starlink प्रोजेक्ट में अब तक लगभग 60 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे है। और ये सारी की सारी Sattelites लेज़र तरंगो के माध्यम से कनेक्टेड रहेंगी।

अंतरिक्ष समाचार द्वारा बताया गया है. कंपनी ने पहले से ही स्टारलिंक सेटेलाईट को सफलतापूर्वक कक्षा में रखा है, ब्रॉडबैंड सेवा के लिए कंपनी को उपग्रहों के छह से आठ बैच लॉन्च करने की आवश्यकता होगी. जिसका तीसरा जत्था हल ही में भेज आज्ञा है. यह सरे के सरे पृथ्वी की निचली कक्षा में इस्थापित किये जायेंगे। पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO ) में सेटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस शुरू करने की योजना है.

पूरी दुनिया को कवर करने के लिए ऐसे ही 24 लॉन्चों की आवश्यकता है. ग्विने ने यह भी स्पष्ट किया कि SpaceX को आगे बढ़ने से पहले उपयोगकर्ता टर्मिनलों के डिजाइन और इंजीनियरिंग को पूरा करने की आवश्यकता होगी. उन्होंने कहा कि अमेरिकी वायु सेना अनुसंधान प्रयोगशाला द्वारा कई स्टारलिंक सुविधाओं का परीक्षण अभी किया जा रहा है. यह ग्लोबल लाइटनिंग नामक एक कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है.

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अब सिस्टम में खर्च कितना आने वाला है. तो इसपर मॉर्गन स्टानले ने एक मोटा-माटी अकड़ा बताया की इस मिशन में $60 बिलियन का खर्च आएगा। वैसे स्पेस एक्स ने कहा नहीं नहीं हम इससे काम में ही मिशन पूरा करेंगे। और स्पेस एक्स कर भी सकता है क्योकि भेजने के लिए जिन व्हीकल्स या जिस लांच सिस्टम की जरुरत है. वह स्पेस एक्स के पास मौजूद है.

बात करेंगे इतना सब लगाकर मिलेगा क्या तो इसपर भी एक थे वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है की अगर स्पेस एक्स 2025 तक 7-8000 सटटेलिते भेजने में सफल हो जाता है तो वह लगभग $5 बिलियन सकता है. पर स्पेस एक्स के विचार कही ऊचें है. स्पेस की हम लगभग $30 बिलियन डॉलर कमाएंगे

सब कुछ अच्छा अच्छा चल रहा, पर बुराइयों के सवाल उठ रहे. बड़ा सवाल Space Debris का है. Space debris, स्पेस में कचरे को कहा जाता है. जिस हिसाब से Sattelite भेजी जा रही हैं . उससे तो यही लगता है की डेबरी होना ज़ाहिर है.

इस समय अर्थ के लोअर ऑर्बिट में Active Sattelite 22000 के अस पास है।Elon Musk बोल रहे है की मई 2025-27 तक 12000 भेज दूंगा , उसके बाद विज़न 42000 तक का है. जब एलोन मस्क अकेले ही 42000 सटटेलिटेस भेजने की बात कर रहे है. तो अगर कोई भी Sattelite Damage होती है तो मलबे की समस्या पैदा हो जाएगी।

इसपर भी Elon Musk ने कहा की वो ऐसा Material Use कर रहे है जो नस्ट होने के बाद कुछ समय बाद अपने आप 95% स्पेस में ही डिस्ट्रॉय हो जायेगा।

अब पूरी कहानी के बाद, बात एक ही निकल कर सामने आती है की भाई हमे कितना फायदा होगा, हमे क्या मिलेगा क्या नेट फ्री में मिलेगा।

तो साफ तौर पर नहीं। न ही नेट फ्री में मिलेगा, और भारत के लोगो को शायद ये महंगा भी पड़ सकता है क्योकि Spacex हो सकता है US करेंसी के हिसाब से डाटा सप्लाई करे
और हम AllReady सबसे सस्ता नेट Use कर रहे है.तो इसमें थोड़ी दिक्कत आ सकती है.