इस ऐक्ट्रेस ने इतनी कम उम्र में जीते 29 अलग अलग नामित पुरस्कार

बॉलीवुड की ऐक्ट्रेस Shraddha Kapoor जो की अपनी क्यूटनेस और खूबशूरती के लिए सभी के दिलों पर राज करती है। Shraddha Kapoor ने हैदर, आशिकी 2, स्त्री जैसी कई फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया है। Shraddha Kapoor स्टार किड होने के बावजूद उनकी गिनती ऐसे कलाकारों में होती है, जो अपने हुनर के दम पर आगे बढ़े हैं।

क्या आप जानते है ?

Shraddha Kapoor 2016 में फोर्ब्स एशिया की 30 साल से कम उम्र की 30 दमदार महिलाओं की सूची में शामिल हो चुकी है। Shraddha Kapoor को अपने काम के लिए अब तक अलग-अलग कैटेगरी में 29 अलग-अलग पुरस्कारों के लिए नामित किया जा चुका है। Shraddha Kapoor ने 2010 में आई फिल्म ‘तीन पत्ती’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था।

इस फिल्म से रखा फ़िल्मी जगत में कदम

इस फिल्म में अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में हैं। ‘तीन पत्ती’ ने कुछ बहुत बड़ा काम नहीं किया, और ना ही इस फिल्म में श्रद्धा को बहुत सराहा गया। क्योंकि उनका किरदार बहुत ही छोटा था। यहां खास बात यह है कि अमिताभ बच्चन श्रद्धा कपूर के पसंदीदा कलाकार हैं, और उनके करियर की शुरुआत भी अमिताभ बच्चन के साथ हुई है।

 

मराठी भाषा के लिए फेमस है Shraddha Kapoor

Shraddha Kapoor का जन्म 3 मार्च 1989 में हुआ था। Shraddha Kapoor का पालन-पोषण मुंबई के न्रजातीय परिवार में हुआ है। वे अभिनेता शक्ति कपूर की बेटी हैं। उनके पिता पंजाबी हैं और माँ मराठी हैं। वे भी अपनी माँ की तरह अपने-आप को भी एक मराठी ही मानती हैं।

 

श्रद्धा के पिता शक्ति कपूर भी एक फिल्मी कलाकार हैं। इसलिए उनका रहना भी मुंबई में ही हुआ, और श्रद्धा का जन्म मुंबई में हुआ। श्रद्धा का ननिहाल मराठी परिवार में है। इसलिए श्रद्धा की परवरिश भी मराठियों जैसी हुई है। वह धड़ल्ले से मराठी बोलती हैं और फिल्मों की शूटिंग के दौरान इसीलिए वह जल्द ही सहायक कलाकारों और कर्मचारियों से बहुत जल्दी घुल मिल जाती हैं।

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लोग Shraddha Kapoor को लड़का समझते थे

Shraddha Kapoor बचपन में जब खेलने निकलती थीं लोग उन्हें लड़का ही समझते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी बोलचाल और हाव भाव भी लड़कों जैसे ही होते थे। वह सबसे ज्यादा लड़ाई भी लड़कों के साथ ही करती थीं। रिश्तेदारों के बीच भी उन्हें पहचानने में कई बार लोगों को बहुत दिक्कत होती थी।

 

Shraddha Kapoor बचपन से ही कलाकार बनना चाहती थीं। वह अपने माता और पिता के कपड़े पहन कर हिंदी फिल्मों के बोले हुए संवादों को दोहराती थीं। शीशे के सामने खड़े होकर एक्टिंग करने की कोशिश करतीं, साथ ही उन्हें नाचने का भी बहुत शौक था। वह अपने पिता के साथ उनके सेट पर शूटिंग देखने के लिए भी जाया करती थीं।

कई फिल्म स्टार है उनके बचपन के दोस्त

Shraddha Kapoor की निर्देशक डेविड धवन के बेटे वरुण धवन से पहली मुलाकात ऐसी ही एक फिल्म की शूटिंग के दौरान ही हुई। दोनों एक दूसरे के साथ खेलते खेलते दोस्त बन गए। दोनों एक टॉर्च को कैमरा बनाते और उसके सामने बारी-बारी से हिंदी फिल्मों के संवादों का अभ्यास करते।

 

गोविंदा के गानों पर दोनों साथ में डांस भी किया करते थे। श्रद्धा का शुरुआती पढ़ाई मुंबई के जमनाबाई नरसी स्कूल से हुई लेकिन 15 साल की उम्र में उन्हें अमेरिकन स्कूल ऑफ बॉम्बे में दाखिला दिलवा दिया गया। वहां उनकी मुलाकात सुनील शेट्टी की बेटी अथिया शेट्टी और जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ से हुई। श्रद्धा यहां फुटबॉल और वॉलीबॉल के खेल में हिस्सा लिया करती थीं।

ये सभी एक साथ एक ही स्कूल में पढ़ते थे

Aathiya, Shraddha Kapoor और Tiger तीनों ही पूरे स्कूल में सभी की नजरों में रहा करते थे। तीनों ही आपस में एक दूसरे के दोस्त थे। एक इंटरव्यू में Shraddha Kapoor और Tiger ने यह माना कि स्कूल के समय में ये दोनों एक दूसरे को पसंद किया करते थे। लेकिन दोनों में से किसी ने भी यह कहने की हिम्मत नहीं जुटाई।Shraddha Kapoor को मनोविज्ञान का अच्छा ज्ञान रहा है।

उनका दाखिला भी बोस्टन यूनिवर्सिटी हुआ लेकिन Shraddha Kapoor ने अपनी पढ़ाई पहले ही साल में छोड़ दी। फिल्म निर्माता अंबिका हिंदूजा ने श्रद्धा को फेसबुक पर देखा। उन्हें Shraddha Kapoor पसंद आईं इसलिए उन्होंने अपनी फिल्म में काम करने के लिए श्रद्धा को भारत बुला लिया। ये फिल्म ‘तीन पत्ती’ थी जिसमें अमिताभ बच्चन के साथ श्रद्धा को पहला मौका मिला।

 

Salman Khan की ये फिल्म ठुकराई

फिल्म ‘तीन पत्ती’ से पहले Shraddha Kapoor को एक और फिल्म ऑफर हुई थी। श्रद्धा जब 16 साल की थी। तब स्कूल के एक नाटक में उसकी प्रस्तुति देखने के बाद सलमान खान ने Shraddha Kapoor को एक फिल्म ऑफर की थी। श्रद्धा तब एक मनोवैज्ञानिक बनना चाहती थी इसलिए उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया।आपने Shraddha Kapoor का पर्दे पर जितना अच्छा अभिनय देखा है। उतने ही कर्णप्रिय गीत भी सुने होंगे। उनकी आवाज बहुत सुरीली है और वह बचपन से ही गाती रही हैं। इस कपूर परिवार का गहरा नाता मंगेशकर परिवार से भी रहा है, इसलिए सुर तो इनको विरासत में मिले हैं।

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