नवम्बर तक देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज : प्रधानमंत्री

Prime Minister modi
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सम्बोधित किया और उन्होंने देश के नाम अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि कोरोना के संकटकाल में भारत की स्थिति काफी बेहतर है। लेकिन आज जब हमें ज्यादा सतर्कता की जरूरत है तो लापरवाही बढ़ना बहुत ही चिंता की बात है। हम अनलॉक के दौर में प्रवेश कर रहे हैं. कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ते हुए अब हम अनलॉक -2 में प्रवेश कर रहे हैं और हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं।

जहां सर्दी-जुखाम, खांसी-बुखार के मामले बढ़ जाते हैं. अगर कोरोना से होने वाली मृत्यु दर को देखें तो दुनिया के अनेक देशों की तुलना में भारत संभली हुई स्थिति में है। समय पर किए गए लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत में लाखों लोगों का जीवन बचाया है।

इस समय जो लापरवाही कर रहे हैं वो ये नहीं समझ रहे हैं कि वो कोरोना के खिलाफ लड़ाई को कमजोर कर रहे हैं, ऐसे लोगों को लापरवाही करने से रोकना होगा और नियमों का पालन कराना होगा। लॉकडाउन के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले. केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों, सिविल सोसायटी के लोग हों, सभी ने पूरा प्रयास किया कि इतने बड़े देश में हमारा कोई गरीब भाई-बहन भूखा न सोए।

देश हो या व्यक्ति, समय पर फैसले लेने से, संवेदनशीलता से फैसले लेने से,किसी भी संकट का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है, इसलिए, लॉकडाउन होते ही सरकार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई और अब इसे नवंबर तक बढ़ाया जा रहा है. इसके तहत देश के 80 करोड़ लोगों को खाद्य की दिक्कत न हो इसकी व्यवस्था की जा रही है. बीते तीन महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं और इस दौरान 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं।

सरकार ने पूरी व्यवस्था की है कि जिससे गरीबों और वंचितों को इस कोरोना संकटकाल में परेशानी न हो. एक तरह से देखें तो अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना अधिक लोगों को, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना अधिक लोगों को और यूरोपियन यूनियन की आबादी से लगभग दोगुने से ज्यादा लोगों को हमारी सरकार ने मुफ्त अनाज दिया है और अब इस व्यवस्था को नवंबर के अंत तक जारी रखा जा रहा है. हमारे यहां वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्य तौर पर एग्रीकल्चर सेक्टर में ही ज्यादा काम होता है. अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है. जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है और देश में आने वाले समय में ढेर सारे त्योहार आने वाले हैं।

5 जुलाई को गुरू पूर्णिमा है और कुछ समय बाद गणेशोत्सव आने वाला है. दशहरा, दीवाली जैसे अनेक त्योहार आने वाले हैं. त्योहारों का ये समय, जरूरतें भी बढ़ाता है, खर्चे भी बढ़ाता है और इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के इस विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे और अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए हो जाता है. अब पूरे भारत के लिए एक राशन-कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है यानि वन नेशन वन राशन कार्ड का सबसे बड़ा लाभ उन गरीब लोगों को मिलेगा, जो रोज़गार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गाँव छोड़कर के कहीं और जाते हैं।

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