नारी के प्रति हिंसा सम्मेलन पर प्रेसवार्ता

नारी के प्रति हिंसा को रोकने के लिए आज आयोजित कांफ्रेंस में सीएमएस के संस्थापक और प्रख्यात शिक्षाविद डॉ जगदीश गांधी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि विद्यालय प्रकाश का स्तम्भ है गांधी ने बताया कि जो अंतरराष्ट्रीय आयोजन किया जा रहा है वो सामाजिक बुराइयों को अंकुस लगाना है। जगदीश गाँधी जी ने कहा की पिछले 10 सालों से मिडिया कांफ्रेंस करता आ रहा है। उसका एक ही विषय है की महिलाओं के प्रति जो जुर्म और अत्याचार बढ़ रहा है, वो रुकना चाहिए और उसके लिए माँ पिता और परिवार विद्यालय और समाज इन तीनो की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। और फिर उसके बाद में बात शासन की आती है, हमारे मिडिया जगत की आती है ,जिसका काम भी उजागर करना है। और मिडिया के द्वारा जो उजागर होती है उससे लाखो करोडो लोग जानते है।

उन्होंने कहा की हम जो करते है क्लास रूम में करते है और क्लास रूम में जितने बच्चे होते है हम उतनो को ही बता पाते है लेकिन मिडिया में जो चीज होती है वो लाखो करोड़ो लोग देखते है पढ़ते है उससे उनका मार्गदर्शन होता है।

तो ये एक ऐसा विषय है जिसमे की बहुत ज्यादा ही जन जागृति की जरुरत है आज हमारी लड़कियों की प्रति छोटी छोटी बच्चियों के प्रति जो अत्याचार और जुर्म हो रहे है वो असहनीय है और वो बहुत ही घृणित है , की कोई भी सज्जन समाज उसको स्वीकार नहीं कर सकता कोई भी माता पिता ऐसे अपराध को स्वीकार नहीं कर सकता। कोई बेटी छोटी होगी उसके प्रति इतना अपराध होगा उसके दिल में क्या बीतती होगी आप उसकी भावनाओ को समझिये वो हमारी बेटियाँ हमारी ही बच्चियाँ है ,और हमारे ही परिवार की है तो कितना दुखत है ये घटना और इसके लिए बहुत जरुरी है की मिडिया द्वारा लोगो को जागृत करना। उनका कहना है की इस मुद्दे को मिडिया पूरे जोर शोर से उठाये और हमारे देश की बेटिओं को सम्मान दिलाये उनका मिडिया से ये अनुरोध है।

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इसके लिए जन जागरण की है जरूरत

अनिरुद्ध ने बताया कि इसमें मीडिया जगत के कुछ दिग्गज आ रहे है। इसे जन आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है। जब तक चारो लोग मिल के काम नही करेंगे तब तक इनका सुधार नही हो सकता ऋषि खन्ना ने बताया कि यह विश्व मे ब्यापक रूप से फैल चुका है इसको रोकने में स्कूल में अहम भूमिका होती है।

केंद्र हो या राज्य, सबका अहम रोल

इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के स्तर को ऊपर उठाना है। वर्ल्ड यूनिटी एजुकेशन डिपार्टमेंट हेड अनिरुद्ध ने कहा कि बालिकाओं और महिलाओं के खिलाफ होने वाले हिंसा के कारणों को समझने और समाधान करने में सिद्ध साबित होगा।