नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ आयोजित हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नागरिक एकता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शमीम ने नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि धर्म के आधार पर नागरिकता विधेयक लाना बिलकुल गलत है और संविधान के अनुच्छेद 14 का खुले तौर पर उल्लंघन किया जा रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शमीम ने आगे कहा कि सभी लोगों को हमारे संविधान में छह मौलिक अधिकार मिले हैं जोकि समानता, स्वतंत्रता, धार्मिक स्वतंत्रता, संस्कृतिक व शैक्षिक अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार और संवैधानिक उपचारों का अधिकार हैं। लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार इन मौलिक अधिकारों का लगातार हनन कर रही है।

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मोहम्मद शमीम ने कहा कि भारतीय नागरिकता का निर्धारण धर्म और जाति के आधार पर नहीं किया जा सकता है और ना ही संविधान में धर्म के आधार पर किसी भी तरह की नागरिकता की कोई बात कही गई है। इस विधेयक के द्वारा भारतीय जनता पार्टी ने बांटो और राज करो की नीति अपना रखी है। अतः हम लोग  इस विधेयक का विरोध करते हुए अस्वीकार करते हैं। यह विधेयक पूरी तरह से असंवैधानिक है।