पाकिस्तान की बढ़ी मुश्किलें,एफएटीएफ ने डाला ग्रे लिस्ट में

पाकिस्तान के इस समय बुरे दिन चल रहे है पहले भारत से अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मुँह की खा चुके पकिस्तान को अब एक और अंतर्राष्ट्रीय मंच ने बड़ा झटका दिया है। एफएटीएफ ने पाक को 2020 तक ग्रे लिस्ट में डालने का फैसला लिया है। आधिकारिक तौर पर इसका फैसला अक्टूबर में आएगा। पाकिस्तान ने मनी लांड्रिंग और आतंकी फंडिंग को बंद करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। इस लिए एफएटीएफ ने ये कठोर निर्णय लिया।

क्या है एफएटीएफ

एफएटीएफ का पूरा नाम फाइनेंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स है। इसकी स्थापना 1989 में पैरिस में G-7 समूह के देशों के द्वारा कि गयी थी। एफएटीएफ का काम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनी लांड्रिंग,आतंकी फंडिंग आदि जैसे मामलों पर खास तौर पर नजर रखती है। जो देश ऐसा करते है। उनके ऊपर एफएटीएफ एक्शन लेती है।

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मंगलवार को पैरिस में बैठक हुई थी। जिसमे एफएटीएफ ने पकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डालने का फैसला किया है। पाकिस्तान को पहले ही चेतावनी दे दी गयी थी की अगर पाक ने आतंकवाद की फंडिंग और मनी लांड्रिंग पर रोक न लगायी तो उस पर प्रतिबन्ध लगा दिया जायेगा। ग्रे लिस्ट में डालने के बाद पाक पर आखरी फैसला 2020 में होगा।