इस साल भी नहीं मिली निर्भया के हत्यारो को फाँसी

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सात साल से लगातार चर्चा का विषय बना रहा निर्भया गैंगरेप हत्या मामला जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने गैंगरेप के गुनाहगार अक्षय ठाकुर की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक अब इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन इसके साथ इस मामले ने एक नया मोड़ भी लिया है बताया जा रहा है की कोर्ट चारों दोषियों का डेथ वॉरंट जारी कर सकता है।

हमारा कानून से विश्वास ही उठ गया है-निर्भया की माँ

लेकिन कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई टल गई है। इसके साथ ही अब इस मामले पर अगली सुनवाई अब 7 जनवरी 2020 को होगी। ऐसे में दोषियों को अब 20 दिन को मोहलत और मिल गई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद निर्भया की मां रोने लगीं। उन्होंने कहा कि उनके पास सभी अधिकार हैं तो हमारा क्या? आखिर कब तक हमें अपनी बच्ची के न्याय के लिए कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ेगे।

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गौरतलब है की इससे पहले मृत्युदंड की सजा पाए चार में से एक दोषी अक्षय की समीक्षा याचिका बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। जस्टिस आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अक्षय की समीक्षा याचिका अन्य दोषियों की याचिकाओं के समान थी। जिन्हें शीर्ष अदालत 2018 में ही रद्द कर चुकी है।

सजा प्रक्रिया पर अमल नहीं किया जा रहा है 

जानकारी के मुताबिक दिसम्बर 2012 वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म मामले में अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन से दोषियों की फांसी पर रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने पूछा कि दोषियों ने दया याचिका दायर की है या नहीं। इस मामले में हाल ही में बीते महीने में सुनवाई हुई। पीड़िता की मां ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। लेकिन सजा की प्रक्रिया पर अमल नहीं किया जा रहा है।

और कितने साल इंसाफ की मांग करनी पड़ेगी

गौरतलब है की 16 दिसम्बर 2012 की रात में छात्र के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। पीड़िता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म मामले में पूरे देश में रोष फैल गया था। राजधानी सहित देश भर में प्रदर्शन किए गए थे। इस मामले के एक दोषी ने आत्महत्या कर ली थी। चार अन्य दोषी मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को फांसी की सजा सुनाई गई है।

लगा था की इसी साल हत्यारों की मिलेगी फांसी

जानकारी के मुताबिक अब माना यही जा रहा था की निर्भया से दरिंदगी करने वाले गुनहगारों को कभी भी फाँसी पर लटकाया जा सकता है। इस मामले में निर्भया की माँ तो बार बार यही अपील कर रही थी की सभी गुनहगारों को जल्दसे जल्द फाँसी मिले। गौरतलब है की 16 दिसम्बर 2012 में निर्भया के साथ इन्ही चार दरिंदो ने उसका रेप करके उसकी हत्या कर दी थी। माना यह जा रहा था की 16 दिसम्बर से पहले निर्भया को न्याय दिलाने के लिए इन दोषियों को फाँसी दी जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ इस साल भी बच गए ये हत्यारे।