जाने राष्ट्रीय युवा दिवस क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है

National Youth Day 2020: भारत के महानतम समाज सुधारक, विचारक तथा दार्शनिक स्वामी विवेकानंद का 12 जनवरी को जन्म दिवस होता है और इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत सरकार ने 1984 में राष्ट्रीय युवा दिवस को मनाने का एलान किया था। राष्ट्रीय युवा दिवस को मनाने का मकसद ये था कि स्वामी विवेकानंद के आदर्शों तथा विचारों को देश के युवाओं को प्रोत्साहित किया जाए ताकि वह स्वामी के इन आदर्शों तथा विचारों को अपनी ज़िन्दगी में लाएं।

स्वामी विवेकानंद का जन्म एक कुलीन परिवार में सन 1863 में हुआ था और उनके बचपन का नाम नरेंद्र था। स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण परमहंस से शिक्षा प्राप्त किया और इसके बाद उन्होंने रामकृष्ण मिशन तथा रामकृष्ण मठ की स्थापना किया था। स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो में आयोजित की गई विश्व संसद में अपने जीवन का मुख्य सहज भाषण देकर लोगों को सम्बोधित किया था।

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स्वामी विवेकानंद का 4 जुलाई 1902 को महज़ 39 साल की आयु में निधन हो गया था। स्वामी विवेकानंद सभी लोगों को सदैव सक्रिय जीवन के फायदों के अलावा जानवरों, गरीबों और बीमारों की देखभाल करने की सलाह देते थे। उनका कहना था कि इस प्रकार हर कोई भगवान की सेवा कर सकता है। वह लोगों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक ही सीमित नहीं रखना चाहते थे बल्कि वह चाहते थे कि लोग सारी दुनिया भर का ज्ञान हासिल करें।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भारत के स्कूलों और कॉलेजों में कई प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। छात्रों से इस दिन भाषण, पाठ, युवा सम्मेलन, प्रस्तुतियाँ, युवाओं के उत्सव, प्रतियोगिताएँ, संगोष्ठियों, खेल आयोजन, योग सत्र, संगीत प्रदर्शन आदि बहुत से कार्यक्रम कराए जाते हैं। इस मौके पर शिक्षक सभी छात्र व छात्राओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन तथा आदर्शों की जानकारी देते हैं। राष्ट्रीय युवा दिवस को रामकृष्ण मिशन और रामकृष्ण मठ की विभिन्न इकाइयों में बहुत ही धूम धाम से आयोजित किया जाता है। साथ ही कई गैर-सरकारी संगठनों में भी लोग राष्ट्रीय युवा दिवस को एक त्यौहार की तरह मनाते हैं।

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