17 साल के छात्र ने किया वो कारनामा, जिसे नासा के वैज्ञानिक भी नहीं कर पाए

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अंग्रेजी में एक कहावत है ‘ We are learner From Womb to Tomb’ मतलब है हम जन्म से मृत्यु तक सीखते रहते है.
सीखने का सिलसिला जिंदगी भर चलता है। लेकिन एक दौर होता है जब सीखने का तरीका थोड़ा ऊपर उठता है और प्रोफ़ेशनल हो जाता है. तब यह इंटर्न में बदल जाता है! जिसे इंटर्नशिप कहा जाता है।
इसमें पढ़ाई के बाद हर फील्ड के नौजवान थ्योरी से दूर प्रेक्टिकल की दुनिया में कदम रखते है. यानि किताबी ज्ञान से से थोड़ा दूर मशीनी ज्ञान के तरफ जाते है.
यहां उन्हें काफी कुछ सीखने और समझने को मिलता है। हालांकि, कई दफा उन्हें शर्मिंदा भी होना पड़ता है। लेकिन NASA के एक 17 वर्षीय इंटर्न ने ऐसा कारनामा कर दिया कि उसकी चर्चा दुनियाभर में हो रही है.

अमेरिका के 17 साल के एक किशोर ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में वो कारनामा कर दिखाया जिसे करने के लिए बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी अपनी पूरी जिंदगी लगा देते हैं। दरअसल, बात ही कुछ ऐसी है, न्यूयॉर्क के रहने वाले वॉल्फ कुकियर ने नासा में इंटर्नशिप के तीसरे दिन ही ब्रह्मांड में एक नवीन ग्रह की खोज कर डाली। सिर्फ तीन दिनों में इतिहास रच डाला। सोचो अगर आपको पता चल जाये की आप मात्र 3 तीन दिनों में इतिहास रचने वाले है तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होगी? तीन दिन में एक गृह वो भी ग्रह पृथ्वी से 6.9 गुना बड़ा है और अपने सूर्य के बैहद करीब है।

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यह गृह , अंतरिक्ष के TOI 1338 नाम के बाइनरी स्टार सिस्टम में खोजा गया है, जो पृथ्वी से 1300 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक तारामंडल में मौजूद है। अब यह इस सिस्टम का एकमात्र ज्ञात ग्रह है।

नासा के मुताबिक, कुकियर अंतरिक्ष एजेंसी के मैरीलैंड स्थित गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में इंटर्नशिप के लिए चयनित हुए। उन्होंने यहां पहुंचने के तीसरे दिन ही ट्रांसिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट (टेसा) के जरिये ग्रह की खोज कर डाली। कुकियर ने कहा, जब मैं खोज कर रहा था तो मुझे अंतरिक्ष में तारों का एक गुच्छा दिखा, जहां ग्रह होने के संकेत थे। मुझे यह सत्यापित करने में कुछ घंटे लगे कि यह बोनाफाइड ग्रह है।

कुकियर ने कहा कि अंतरिक्ष के उस हिस्से में मुझे 100 चमकीली चीजें दिखीं। उन में से मैंने प्रत्येक पर काम किया और पाया कि यहां एक ग्रह मौजूद है। 100 में से एक की चमक बिल्कुल अलग थी और इससे मैं समझ चुका था कि वह ग्रह हो सकता है। मैंने उस पर कई घंटों तक काम किया और निष्कर्ष निकाला कि वह एक ग्रह ही है। बाद में मेरे वरिष्ठों ने भी मेरी खोज पर मुहर लगा दी।