विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने श्रीराम और माँ दुर्गा का सन्देश देकर लोगो को किया जागृत

रामलीला और दुर्गा पंडालों की रौनक जाने का अंतिम समय शुरू हो गया है। नवरात्र के इस पवन पर्व के उत्सव में भक्तो द्वारा चारों तरफ भगवान श्रीराम और माता दुर्गा के सभी रूपों की पूजा-अर्चना की जा रही है। गाजियाबाद के लोनी कस्बे में रामलीला और दुर्गा पंडालों में पहुंचे वहां के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लोगो से राम की लीला का वर्णन किया। साथ ही माँ दुर्गा से शोषित-वंचित वर्ग के लिए खड़ें होने की प्रेरणा लेने का सन्देश दिया।

विधायक द्वारा लोगो को मिले सन्देश

क्षेत्र के विधायक अपनी बातो से रामलीाला में उपस्थित श्रद्धालुगणों को जीवन से संदेश देते हुए कहा कि आज के समय ऐसा कि इस कलयुग में रिश्तों का मोल कम होता जा रहा है। इसके देश के ही कुछ तुच्छ लोग राष्ट्र पर सवाल करते हुए ऊँगली उठाते है। ऐसे में भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व हमारे लिए अनुकरणीय और प्रेरणादायक मिसाल है।

राम जी के व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए बताया की एक पुत्र के लिए उसके पिता की आज्ञा कितनी सर्वोपरि होती है। इसके साथ भाई के रूप में लक्ष्म्ण जी को प्राण घातिनि लगने के बाद स्वंय के प्राण त्याग देने का प्रण लेना।माता कैकयी द्वारा वनवास भेजे जाने के बाद भी भरत के प्रति अगाध प्रेम होना कोई छोटी बात नहीं है।

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पत्नी की रक्षा के लिए समुद्र को लांघकर लंका पहुुंचकर उसकी रक्षा करना। और राजा के रूप में भी रामराज्य की स्थापना और जनकल्याण के स्वरूण रावण वध करना यह सभी प्रसंग एक आदर्श व्यक्तित्व के ही पैमाने हो सकते हैं। मगर हमारे इतिहासकारों और शिक्षा व्यवस्था ने इस महान व्यक्तित्व को कभी हमारे बच्चों और युवाओं के सामने आने नहीं दिया। ऐसे में आवश्यक है कि हम सभी अपने सन्तानो की बाल्य अवस्था से ही उन्हें इन शिक्षाओं से अवगत कराते रहे। हमारा कर्तव्य है कि भगवान राम जी के इस निर्देश को हम साकार कर एक रामराज्य बनाने की कल्पना करें।

इसके बाद जो लोग देश की सभी सुविधाओं को उपयोग करने के बावजूद भी देश पर सवाल कर ऊँगली उठाते है उन लोगों को भी राम जी के चरित्र से प्रेरणा लेना चाहिए।राम जी जब लंका विजय के बाद विभीषण का राजतिलक के दौरान लक्ष्मण जी ने लंका की दिव्यता को देखकर प्रभु राम से विनती की। और उसके कि पूछा अगर आपकी आज्ञा हो तो मैं कुछ दिन यहां रूक सकता हूं, जिस पर भगवान राम जिन्होंने लंका विजय करने के बावजूद भी कहा कि ‘‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि’ यानि मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है।

उसके साथ माता दुर्गा के नवरूप से भी हमें सीखने की जरूरत है जब भी जनकल्याण और मानवजाति आसुरी शक्तियों के समक्ष कमजोर पड़ जाये और उन्हें रक्षा की जरूरत पड़े, तो मां जगतजननी ने आकर स्वंय संकट दूर किया। इसलिए बात को ध्यान में रखते हुए हम सभी को लोनी के सर्वांगीण विकास के लिए भ्रष्टाचार, अपराध आदि आसुरी शक्तियों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ना चाहिए।

कई रामलीला और दुर्गा पंडालों पर विधायक ने दी अपनी उपस्थिति

अब रामलीला और दुर्गा पंडालों की रौनक की अंतिम घडी आ चुकी है। हर तरफ भगवान श्रीराम और माता दुर्गा को भक्तो के द्वारा पूजा जा रहा है। इस पवन पर्व पर लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने वहां के प्रतिनिधि पंडित ललित शर्मा के साथ मिलकर क्षेत्र में आयोजित सभी रामलीला, दुर्गा पूजा पंडालों एवं जागरण में पहुंचे और आशीर्वाद लिया। साथ ही उन्होंने देश व प्रदेश एवं लोनी के जलकल्याण की कामना भी की।

इसी भ्रमण के दौरान विधायक ने लव-कुश रामलीला समिति गढ़ी कटैया, जय श्री रामसेवा समिति लाल बाग, श्रीराम रामलीला समिति संगम विहार, बलराम नगर रामलीला समिति, दुर्गा पूजा पंडला नसीब विहार, ट्रोनिका सिटी, इलायचीपुर, विकास कुंज के पंडालों में अपनी उपस्थिति दी और भगवान श्रीराम की एवं मां दुर्गा की आरती और अराधना की।