लखनऊ : सिपाहियों ने आरआई पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रिज़र्व पुलिस लाइन के सिपाहियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर आरआई के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। सिपाहियों ने बहुत से आरोप आरआई पर लगाया है और मुख्यमंत्री से इस भ्रष्टाचार से निजात दिलाने का आग्रह किया है।

यह हैं सिपाहियों का आरोप

  • आरआई प्रथम पर चरित्र पंजिका में खराब चरित्र का उल्लेख होने के बावजूद पदोन्नति हुई है जो कि नियमों के बिलकुल विरुद्ध है।
  • आर्मरी से 100 से ज़्यादा आर्म्स तथा हज़ारों एम्युनेशन्स गायब हैं जिनको भार में कम प्राप्त करना दिखाया गया है। जिसका फ़ायदा उठा कर आरआई ने इन आर्म्स एम्युनेशन्स को इधर उधर कर दिया है। इसके बावजूद न कोई पत्रावली दी गई है और ना किसी अधिकारी द्वारा इस प्रकरण पर कोई जांच हो रही है।
  • आरआई प्रथम के टीएसआई तथा आरआई के कार्यकाल को जोड़कर इनकी समयावधि पूर्ण हो जाने के बाद भी आरआई के पद पर बने हुए हैं।
  • आरआई प्रथम ने आरक्षी विवेक को गणना कार्यालय का प्रभारी बनाया है जोकि बंदी को बंदी को पैसे लेकर भगाने में निलंबित हो चुका है। वह VIP बंदीगढ़ों से मोती रकम लेकर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचता है।
  • जीपी स्टोर के प्रभारी हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश को अनियमितताओं के चलते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा हटा दिया गया था लेकिन आरआई ने उसकी ड्यूटी कही और ना लगाकर चुपचाप जीपी स्टोर में कार्य सम्पादित करा दिया और यहाँ कमीशनखोरी का खेल चल रहा है।

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  • आरआई प्रथम ने हेड कांस्टेबल को गैस गोदाम का प्रभारी बनाया है जोकि गैस ब्लैक में बेचता है और उसका लाभ आरआई को मिलता है।
  • आरआई प्रथम ने प्लाटून कमांडर के पद पर रहते हुए एक इनोवा कार खरीदी और हाल ही में कठौता झील के पास एक आलीशान घर बनवाया है। अगर इनके बैंक खाते और खर्च किये गए रूपये मिलाए जाएं तो साफ़ पता चलता है कि आरआई ने अवैध कमाई से कार ली और घर बनवाया है।
  • आरआई प्रथम ने गनर कार्यालय के मुंशी अमित द्वारा कई लोगों को गनर प्रदान कर रखा है जिनकी गनर प्रदान करने की समयसीमा कब की ख़त्म हो चुकी है जिसके बदले में गनर कार्यालय द्वारा पैसे लिए जाते हैं जोकि आरआई प्रथम के पास भी जाते हैं।
  • आरआई प्रथम ने रिज़र्व पुलिस लाइन में जमकर लूट पाट मचा रखी है और गैस गोदाम, गणना कार्यालय तथा जीपी स्टोर से अवैध रूप से वसूले गए धन में भी हिस्सा लिया जाता है।