ग्राम प्रधान व ग्रामीणों को खुद क्यों बनाना पड़ा लकड़ी का वैकल्पिक पुल

villagers built wooden bridge in lakhimpur kheri

लखीमपुर खीरी जिले में ग्रामीणों ने शासन प्रशासन के द्वारा किये जा रहे दावों को एक कोने में रखकर खुद एक नाले पर ग्रामप्रधान व ग्रामीणों ने मिलकर एक वैकल्पिक पुल तैय्यार कर दिया। दरअसल जिले के निघासन विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बैलहा के गाँव मिठुई में बहतिया नाले से संपर्क मार्ग पर बाढ़ के कारण पानी भर जाने की वजह से आवागमन बाधित हो गया था।

जिससे ग्रामीणों के सामने आने जाने की बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई थी। इस बड़ी समस्या को हल करने के सभी ग्रामीण नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान हाजी रफीक अहमद से जाकर मिले। ग्राम प्रधान ने लकड़ी का वैकल्पिक पुल बनाये जाने की बात ग्रामीणों से कही और पुल निर्माण कार्य में अपनी तरफ से पच्चीस हजार रुपये का सहयोग भी दिया। ग्रामीणों ने बाँस व बल्ली, लकड़ी से निर्मित वैकल्पिक पुल का दो दिनों में निर्माण करके दिखा दिया।

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जब पुल बनकर तैयार हुआ तो मिठुई गाँव निवासी सोनू की बारात जनपद बहराइच को जानी थी। ग्रामीणों ने नेक काम के रूप में दूल्हे से एक रुपए का सिक्का लिया और बारात लेकर जा रहे दूल्हे से नवनिर्मित लकड़ी से बने पुल का उद्घाटन फीता काटकर करवा दिया। दूल्हा बारात लेकर लकड़ी के पुल से चलकर रवाना हो गया। ग्रामीणों के द्वारा बनाये गये लकड़ी के वैकल्पिक पुल की चारों तरफ क्षेत्र से प्रशंसा हो रही हैं।

Reporter -फारूख हुसैन

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