किसानों के आंदोलन के बीच प्रशासनिक अधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की

जहां केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार किसानों के हित की बात करती है लेकिन इसके बावजूद भी किसान दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर है। जिसमें जहां किसान गन्ने के भुगतान को
Image source Google
जहां केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार किसानों के हित की बात करती है लेकिन इसके बावजूद भी किसान दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर है। जिसमें जहां किसान गन्ने के भुगतान को लेकर परेशान दिखाई दे रहे हैं। जिसको लेकर किसानों में मौजूदा सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश देखने को मिल रहा है ।

वहीं लखीमपुर खीरी जिले में भी किसानों की स्थिति दयनीय दिखाई दे रही है।

जिसको लेकर किसान परेशान दिखाई दे रहा है। बता दें लखीमपुर खीरी जिले में गन्ने की पैदावार ज्यादा होने के चलते चीनी का कटोरा कहां जाने वाला लखीमपुर खीरी जिले का किसान भी गन्ने का भुगतान न होने से परेशानियों का सामना करता दिखाई पड़ रहा है।

इसी के चलते लखीमपुर खीरी जिले के पलिया तहसील स्थित बजाज चीनी मिल में गन्ने के भुगतान को लेकर 1 महीने से भी ज्यादा दिन से किसानों का धरना प्रदर्शन चल रहा था। लेकिन अभी तक शासन प्रशासन के अलावा स्थानीय विधायक या सांसद ने उनके गन्ने के भुगतान में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।

जिसको लेकर किसानों में जमकर आक्रोश फूट पड़ा, जिसको लेकर शुक्रवार को तहसील क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने बजाज चीनी मिल से एक रोष मार्च निकालकर मौजूदा सरकार और बजाज ग्रुप की जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए कमल टॉकीज चौराहे पर केन कमिश्नर व बजाज ग्रुप का पुतला फूंका।

इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा तो वहीं पुतला फूंकने का दौरान पुतला ना जलाने को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन व किसानों से झड़प हो गई। जिसकी तस्वीर आप साफ तौर से देख सकते हैं कि किस तरीके से किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो रही है।

पर्यटन स्थलों पर लोगों की जुटती भीड़ पर सरकार की चिंता

फिलहाल किसानों के द्वारा प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंक कर वापस अपने धरने पर पहुंच गए। इसी बीच काफी गहमागहमी का माहौल दिखाई दिया। वह मौके पर अभी भी भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here