कपिल सिब्बल: राष्ट्रपति शासन 5:17 पर रद्द कर दिया गया और 8 बजे शपथ

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सुप्रीम कोर्ट में सोमवार सुबह से शिव सेना ,एनसीपी और कांग्रेस की याचिका को लेकर सुनवाई चल रही है। जहाँ पर तुषार महता ने कोर्ट को बीजेपी के 170 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा। जिसके बाद शिव सेना की तरफ से कपिल सिब्बल पेश हुए और सवाल किया की राष्ट्रीय आपातकाल क्या था जिसे राष्ट्रपति शासन 5:17 पर रद्द कर दिया गया था और सुबह 8 बजे देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार को शपथ दिलाई गई थी? राष्ट्रपति शासन को सुबह 5:17 बजे निरस्त कर दिया गया, जिसका अर्थ है कि 5:17 से पहले सब कुछ हुआ।

तुषार मेहता ने विधायकों के समर्थन वाली चिठ्ठी कोर्ट को सौंपी

24 घंटे में हो फ्लोर टेस्ट

शिव सेना की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल ने कहा की फ्लोर टेस्ट 24 घंटे में आयोजित किया जाना चाहिए। सदन के किसी भी सदस्य को वीडियोग्राफी और एकल मतपत्र के साथ इसका संचालन करना चाहिए। पहले सब कुछ रात में हुआ है पर अब सब दिन में होना चाहिए। वहीँ अभिषेक मनु जो कांग्रेस ,एनसीपी का प्रतिनिधित्व कर रहे है, उन्होंने कहा की ‘जब दोनों समूह फ्लोर टेस्ट के लिए खुले हैं, तो देरी क्यों होनी चाहिए?’ शरद पवार ने मिडिया से कहा की बीजेपी के पास सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं था, इस बात को बीजेपी ने राज्यपाल को भी बताया था।