कानपुर :कोरोना के इलाज के नाम पर प्राइवेट अस्पतालों की वसूली जारी,जिला प्रशासन मौन

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कानपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बावजूद इस कोरोना महामारी में प्राइवेट अस्पतालों द्वारा कोरोना मरीजों से मनमाने ढंग से इलाज के नाम पर आदेशो के विरुद्ध वसूली का सिलसिला लगातार जारी है।ताजा मामला है शहर के गोविन्द नगर का जहाँ रीजेंसी हॉस्पिटल में कोरोना पेशेंट से इलाज के नाम पर 16 लाख का बिल बना कर 11 लाख रुपये वसूल कर लिया गया है।वही मरीज की कर मौत के बाद शव देने के नाम पर 5 लाख की और माँग की जा रही है।जिसपर परिजनों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया।

यह है मामला

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बताते चले कि पूरा मामला गोविन्द नगर थाना क्षेत्र में स्थित रीजेंसी हॉस्पिटल का है जहाँ स्वरूप नगर निवासी सतीश चंद टंडन 24 दिन पूर्व कोरोना संक्रमित हो गए थे।जिसके बाद उन्हें प्राइवेट अस्पताल रीजेंसी में भर्ती कराया गया था। पहले वह साधारण वार्ड में थे उसके बाद उन्हें अस्पताल वाले आईसीयू में ले गए और फिर वेंटिलेटर पर उपचार करने लगे 24 दिन का बिल 15 लाख बना दिया गया है।

वही परिवार का कहना है कि उन्हीने इलाज के लिए 11 लाख रुपये अदा भी कर दिए है।मगर आज सुबह 10 बजे परिवार को मौत की सूचना लगी।जिसके बाद मृतक के परिजनों से इलाज में बचे हुए बिल की रकम मांगी जा रही है।जिसपर रुपए बना दिया। जिनके बाद परिजनों ने अस्पताल में ही जमकर हंगामा किया।मृतक के बेटी ने बताया कि हम लोग 11लाख रुपए का पेमेंट दे चुके हैं जब से पेमेंट देना बंद किया है तब से यह लोग ठीक से बात भी नहीं कर रहे हैं और पिछले 5 दिन से मेरे पिताजी के शरीर में कोई भी गतिविधि नहीं थी। उसके बावजूद यह लोग बताते रहे कि हमें डायलिसिस और ब्लड चढ़ाने की बात की जाती रही।मगर अब जब उनके पिता की मौत हो गयी है उंसके बाद भी पैसों की लगातार माँग की जा रही है।

ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जब सरकार और जिला प्रशासन की तरफ से इलाज की रकम निश्चित की जा चूंकि है तो आखिर प्राइवेट अस्पताल लाखो रुपये की वसूली कैसे कर रहे है।आखिर जिला प्रशासन इनपर कार्यवाही क्यो नही कर रहा है।

रिपोर्ट- दिवाकर श्रीवास्तव

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