महिला दिवस पर इन अभिनेत्रियों ने कही खास बात

International Women's Day
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आज हमारा पूरा देश महिला दिवस मना रहा है। जगह जगह आज आप लोगो के मुँह से यही सुनेगे की महिलाओं की इज्जत करो। लेकिन क्या ये बात आप सब रोज नहीं कह सकते और वैसे भी कहना बहुत बड़ी बात नहीं होता करना होती है। जो लोग कहते है की महिलाओं की इज्जत करो अक्सर वही लोग महिलाओं का अपमान करते है। मैं ये बात किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि जो सच्चाई है हमारे समाज की उस पर कह रही हूँ।

जैसा की आप सब को पता है की हर महिला दिवस पर महिलाओं के अधिकारों, उनके सम्मान और उनके उत्सव की बड़ी बड़ी बातें होती हैं। वादे होते हैं और फिर अगला पूरा साल उन्हीं खबरों के बीच बीतता है जिसमें हर दिन कहीं न कहीं से महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाएं सामने आती रहती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर टीवी के सितारों ने अमर उजाला के साथ साझा की अपने मन की बात।

हर दिन हो महिला दिवस-Shruti Sharma

हर महिला दिवस पर हम महिलाओं के विषयों पर जश्न मनाते हैं और चर्चा करते हैं लेकिन अगले दिन हम इसे भूल जाते हैं। यह एक दिन याद करने के लिए नहीं है। हर दिन महिला दिवस है। बस हमें इसे ध्यान में रखना होगा और इस दिन हम महिलाओं के लिए जिन उपायों की बात करते हैं, उन पर काम करना आवश्यक है। मैं महिलाओं से अनुरोध करूंगी कि अपने बच्चों को नैतिक रूप से भी शिक्षित करें। हम सभी को अपने समाज में महिला सुरक्षा की आवश्यकता है।

Shruti Sharma
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हर महिला का करें मां जैसा सम्मान-Aditi Sharma

मुझे सिर्फ एक महिला दिवस नहीं चाहिए। हमें हर दिन इस पर विश्वास करने की जरूरत है, न कि केवल एक दिन के लिए। हम हर दिन इतनी सारी चीजें करते हैं। हम काम करते हैं। हम लड़ते हैं, हम सफलता प्राप्त करने के लिए दौड़ते रहते हैं, हम लगातार बाधाओं को टालते हुए अपने आस-पास के लोगों की मानसिकता को बदलने की कोशिश करते हैं। हम चाहते हैं कि सभी दिनों को हमारे साथ उचित व्यवहार किया जाए।

एक महिला को समाज में एक बेटी, एक बहन, एक मां की कई भूमिकाएं निभानी पड़ती हैं और सभी को खुश रखते हुए अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास भी करती है। जब हम हर महिला का सम्मान करना शुरू करेंगे, जिस तरह से हम अपनी मां का सम्मान करते हैं, वह सही मायने में ‘महिला दिवस’ होगा।

Aditi Sharma

छोटे शहरों में सोच बदलना जरूरी-Sheen Das

हम बड़े शहरों में रहते हैं और हमें लगता हैं कि लड़का-लड़की एक समान हैं दोनों साथ में काम कर रहे हैं लेकिन जब भी हम छोटे शहरों में जाते हैं ऐसी बहुत सारी घटनाएं हुईं हैं कि लोग अपनी लड़किओं को घर से बाहर भेजना पसंद नहीं करते। बचपन से ही लड़कियों को सिखाया जाता हैं कि बहुत सारे सपने और आकांक्षाएं मत रखो। मेरे ख्याल से यह गलत है। अपनी बेटियों को पढ़ाइए, खेलने भेजिए और उनको किसी से कम मत समझिए और मेरे ख्याल से अभी भी बहुत स्कोप हैं। बदलाव का दौर आ गया है और जो भी बुरा है उसे अब तक खत्म हो जाना चाहिए। लड़का हो या लड़की हो, सबके साथ समान व्यहार हो ताकि हम अपने देश को आगे बढ़ा पाएं।

ढांचे में ढलने की नहीं इसे तोड़ने की जरूरत-Ashnoor kaur

एक आदर्श महिला वो नहीं जो समाज के बनाए ढांचे में खुद को ढालने की कोशिश करती है, बल्कि वो है जो इस ढांचे को तोड़कर अपने जैसी कई अन्य महिलाओं के लिए एक नए रास्ते खोलती है। मैं खुद को प्रेरित करती हूं, मेरे संघर्ष मुझे प्रेरित करते हैं, मेरी असफलताएं मुझे प्रेरित करती हैं और मेरी गलतियां मुझे ताकत देती हैं। मेरी हर छोटी सफलता से मुझे अपना सफर जारी रखने, मुश्किलों से लड़ने और एक औरत की आदर्शवादी छवि के पार जाने की प्रेरणा मिलती है।

Ashnoor-Kaur

मजबूत, नेक और विनम्र बनें-Rishina Kandhari

हर महिला की सफलता दूसरी महिला के लिए एक प्रेरणा होनी चाहिए। हमें एक दूसरे को आगे बढ़ाना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि आप हिम्मतवाली, मजबूत, अत्यधिक नेक और विनम्र हों। मेरी ओर से सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं।

Rishina Kandhari

हर दिन हो जश्न मनाने का हौसला-Kanika Kapoor

मेरा मानना है कि एक महिला का उत्साह हमेशा उनसे बढ़कर होता है। हमारे समाज में यह आज की महिलाओं का जज्बा दर्शाता है। मेरी जिंदगी में आई सभी महिलाओं ने मुझे यहां तक पहुंचने का हौसला दिया, जहां आज मैं हूं और अपने सपनों को पूरा करने में मेरी मदद की। मैं हर महिला का शुक्रिया अदा करना और उन्हें हर दिन अपने सबसे अच्छे स्वरूप का जश्न मनाने का हौसला देना चाहती हूं।

Kanika Kapoor

बदल रहा है जमाना-Akanksha Puri

कला के क्षेत्र से जुड़ी महिला होने के नाते मैं पूरे विश्वास से कह सकती हूं कि बदलाव जारी है। महिलाओं को ऐसे रोल्स मिल रहे हैं, जो उन्होंने कुछ साल पहले देखे तक नहीं थे। साथ ही, वो ऐसे आंदोलन शुरू कर पा रही हैं, जिसमें वो अपने हक के लिए आवाज उठा रही हैं। मैं सभी महिलाओं को हैप्पी वूमेंस डे कहना चाहूंगी।

Akanksha Puri

तो दोस्तों ये तो हो गई इन सारी अभिनेत्रियों के मन की बात लेकिन अभी मेरी बात पूरी नहीं हुई है। दरअसल हर कोई कहता है की औरत की इज्जत करो। लेकिन सही तो यह है की इज्जत कहने से नहीं करने से होती है। कही न कहीं मुझे लगता है की अभी हमारा समाज औरतो के मामलें में पीछे है।

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लोग बस थोड़ी सी इज्जत पाने के लिए ये बात कह तो देते है की औरतों की इज्जत करो लेकिन सच तो यह है की आज भी लोग सही तरिके से औरतों की इज्जत नहीं कर पा रहें है। जो औरत हमारे लिए इतना सब कुछ करती है। उसको भी लोग कह देते है की किया ही क्या है तुमने। अभी हम सब के बीच में एक औरत को ही लेकर लगातर चर्चा चल रही  है। वह है निर्भया केस इस मामले में पता नहीं कब सरकार और अदालत इंसाफ दिला पायेगी। यदि आज मुझसे कोई पूछे की आपको इस महिला दिवस पर क्या खास चाहिए तो मैं सिर्फ निर्भया के लिए इंसाफ माँगूगी।

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