जिन ट्रेन के डिब्बों में आपने किया है सफर, अब वही जीवन सफर बचाने के लिए आ रहे काम

train coach convert to isolation ward
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शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो जिसने कभी ट्रेन में सफर ना किया हो। हम लोग जब भी लंबी दूरी तय करने के बारे में सोचते हैं तो हमारे लिए पहला विकल्प ट्रेन ही होती है। अब वही ट्रेन हमारे और आपके जीवन सफर को बचाने के लिए काम आ रही है।

 isolation ward

पिछली बार जब कोरोना का आतंक बड़ा और अस्पतालों में पेट की कमी हुई तब रेलवे आगे आया और अपने हजारों कोचों को आइसोलेशन कोच में बदल दिया था जिससे संक्रमित व्यक्ति का समय पर उपचार हो सके और वह जल्द स्वस्थ हो।

इस बार भी कोरोना के कहर को बढ़ता देखते हुए रेलवे ने को चोको आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया है। जय कोच हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड से कम नहीं है। इनमें भी वही सब सुविधाएं उपलब्ध हैं जो एक अच्छे हॉस्पिटल में होती हैं।

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रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर जानकारी दी कि भोपाल में रेलवे द्वारा 20 कोविड केयर कोचेस में 320 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गयी है, जो कोरोना रोगियों के उपचार में सहायता पहुंचा रहे हैं।

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एक तरफ जहां पुलिसकर्मी, स्वच्छताकर्मी, डॉक्टर कोरोनावायरस में दिन रात लगे हुए हैं वही रेलवे कर्मी भी कोरोना काल में अहम योगदान दे रहे हैं।

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