ध्वनि प्रदूषण किया तो देना होगा 10 लाख तक का जुर्माना

ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले विवाह घरों पर अदालत ने सख्त निर्देश कुछ दिन पहले ही दिए थे पर उन्होंने इसका पालन नहीं किया। अब हाई कोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त रुख अपनाते हुए,नियमों का उलंघन करने वाले सादी घरों पर बड़ा जुर्माना लगाने और लाइसेंस निरस्त करने तक के निर्देश दे दिए है ।अब यदि कोई इन नियमो को तोड़ता है तो उसके ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

इतना देना होगा जुर्माना

हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार विवाह घरों के द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण कानून का उलंघन पहली बार करने पर एक लाख रूपए का जुर्मान,दूसरी बार में पांच लाख और तीसरी बार गलती करने पर 10 लाख रूपए तक का भारी जुर्माने का प्रावधान कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा है की यदि विवाह घरों से तेज ध्वनि होने की सुचना पुलिस के 100 नंबर पर मिलती है तो पुलिस निर्देशों का पालन सख्ती से करेगी । इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण सचिव से 6 नवम्बर तक रिपोर्ट मांगी है। ध्वनि प्रदूषण की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने निर्देश दिए हैं।

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100 मीटर से ज्यादा दूरी ना हो

कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि बारात विवाह घर से अधिकतम 100 मीटर की दूरी पर एकत्र होकर निकाली जाए। अगर कोई विवाद घर इसका पालन नहीं करता है तो विवाह घर के मालिक को भारी जुर्माना देना होगा। साथ ही मैरिज हॉल 1500 वर्ग गज का होना चाहिए तथा 40 फीसदी खुला एरिया हो और 30 फीसदी कवर एरिया होना चाहिए। विवाह घर में पार्किंग की भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए।