सतत विकास लक्ष्य पर हुई हृदय नारायण की प्रेस कांफ्रेंस

  • पीपुल, प्रोस्पेरिटी, पीस, पार्टनरशिप और प्लेनेट सतत विकास के होंगे मुख्य सिद्धांत
  • साल 2015 में संयुक्त राष्ट्र में सतत विकास के लिए तय किये थे 17 लक्षय
  • 16 सतत विकास लक्ष्य (SDG) 169 टार्गेटलेकर काम किया जाएगा
  • प्रदेश के 64 विभागों को मिला कर बना है दृष्टि दस्तावेज – 2030

हृदय नारायण दीक्षित की प्रेस कांफ्रेंस हुई जिसमे उन्होंने सभी का स्वागत करते हुए कहा है कि यह एक बहुत खास मौका है जो सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी सभी पदाधिकारी 36 घंटे चलने वाले विशेष सत्र को लेकर जिज्ञासु हैं। युगांडा देश के कंपाला शहर में जाने पर मुझे वहां कई और देशो के राजनयिक मित्रों ने पूछा कि इस प्रकार का कोई आयोजन चल रहा है। हम सभी की जिज्ञासा पूरे विषय के तह में जाने की है। इसीलिए आप लोगों से इस विषय पर बात करना ज़रूरी समझा ताकि आप लोगों के प्रश्नों का उत्तर दे सकूं ।

हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि जिज्ञासा भारतीय संस्कृति से चालू करूँगा। भारतीय पूर्वजों का दृष्टिकोण लोकमंगल का रहा है। अपना हित देश का हित तक सीमा नहीं रही है। लोकमंगल कि दृष्टि पूरे विश्व की रही है। जब हम ‘सर्वभूतेषु मंगल ले’ मन्त्र पढ़ते हैं तो इसका मतलब पूरे विश्व की मंगल कामना का दृष्टिकोण हमारे ज़हन में रहता है। इस दृष्टिकोण को हम जीवन के मूर्त रूप में प्रस्तुत करने के रूप में महात्मा गांधी को देखते हैं जो विश्व मानव के रूप में प्रकट हुए। जो उनके कार्य व्यवहार में सत्य का आग्रह दिखाई पड़ता है।उस समय दुनिया की सबसे बड़ी सत्ता ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती देने वाले अकेले व्यक्ति थे। महात्मा गांधी ने विश्व संसद में भाषण दिया था। ऐसे महामानव हमारे पूर्वज हैं।

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हृदय नारायण दीक्षित कहते हैं कि यह सबसे महत्वपूर्ण तिथि है जिसमे हम प्रेषित हो रहे हैं। साल 2015 में संयुक्त राष्ट्र में सतत विकास के लिए 17 लक्षय तय किये थे। भारत में भी उसी लक्षयों की सहमति पर हस्ताक्षर किये थे। भारत पहले से ही ऐसे लक्षय पर कार्य कर रहा था। हम उन सभी लक्षयों को पूरा करने की तैयारी कर चुके हैं। दो साल पहले पटना में भारत के सभी विधानसभाओं के अध्यक्ष बैठे थे। वहां पर संयुक्त राष्ट्र के लक्षणों से जुड़े विषयों पर की-नोट प्रस्तुत करने का सौभाग्य उत्तर प्रदेश को मिला था। वहां भी सतत विकास के लक्षणों को लेकर देश के सभी विधासभा अध्यक्षों में सहमति बानी थी। उन्होंने कहा कि सभी विधायक अपने अपने स्तर पर उन 17 लक्षयों को विधानसभा में उसे पूरा करने का प्रयास करें।

हृदय नारायण दीक्षित ने प्रेस वार्ता में कहा कि 36 घंटे के विशेष सत्र  ‘सतत विकास लक्ष्य – 2030’ में उत्तर प्रदेश की प्रगति मुख्य विषय होगा। 5पी सतत विकास के मुख्य सिद्धांत होंगे। इनमे पीपुल, प्रोस्पेरिटी, पीस, पार्टनरशिप और प्लेनेट को शामिल किया गया है। सतत विकास लक्ष्य (Sustainable development goals) जान, सम्पन्नता, शान्ति साझेदारी और पृथ्वी पर आधारित है। प्रदेश के 64 विभागों को मिला कर दृष्टि दस्तावेज – 2030 बना है और इसमें 16 सतत विकास लक्ष्य (SDG) 169 टार्गेटलेकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन पहला लक्ष्य रहेगा और दूसरा लक्ष्य भुखमरी को ख़त्म करना और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करना होगा तीसरा। तीसरा लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण पूर्ण शिक्षा और लैंगिग सामानता यहाँ अंतर्राष्ट्रीय विषय हैं।