NRC,NPR और CAA में अंतर गृहमंत्री ने किया स्पष्ट

Amit Shah

गृहमंत्री अमित शाह ने NRC,NPR और CAA के बारे में विस्तार से बात करते हुए एक कार्यक्रम में बताया की नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर के बीच में कोई सम्बन्ध नहीं है। और न ही CAA का NRC से कोई सम्बन्ध है। यह अलग-अलग प्रक्रियाएँ है।

गृह मंत्री ने बताया की NPR जनसँख्या का रजिस्टर है, देश में जो भी लोग रहते है उनके नाम रजिस्टर किये जाते है। जिनके आधार पर देश में अलग अलग योजनाए बनायीं जाती है और लोगो को उसका फायदा होता है। यदि हमे ये नहीं पता होगा की किस राज्य में कितने लोग रहते है और उनकी क्या आवशकता है तो सरकार योजनाएं कैसे बनाएगी।
और NRC में हर व्यक्ति से सबूत मांगे जाते है की आप किस आधार पर इस देश के नागरिक है । ये दोनों प्रक्रिया का कोई लेन-देन नहीं है, न दोनों प्रक्रिया का एक दूसरे के सर्वे में उपयोग हो सकता है।

नेशनल जनसंख्या रजिस्टर NPR क्या है ।

केरल और पश्चिम बंगाल के सीएम से अनुरोध

गृहमंत्री अमित शाह ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर कहा की ‘मै दोनों मुख्यमंत्रियों से निवेदन करता हूँ की इस प्रकार का कदम न उठाये, वो इसपर फिर से विचार करे। ये बंगाल और केरला की गरीब जनता के लिए बनाये जाने वाले कार्यक्रमों का आधार है। कृपया राजनिति के लिए गरीब जनता को विकासीय कार्यक्रमों से दूर न रखिये। इनको होने वाली प्रक्रिया से जोड़ दीजिये’। बता दें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और केरल के मुख्यमंत्री ने NRC और CAA को अपने राज्य में लागु करने से मना कर दिया है।

NRC अभी लागू नहीं होगा

गृह मंत्री ने कहा की NRC पर चर्चा करने की अभी जरुरत नहीं है, क्योंकि NRC अभी विचार में ही नहीं है। इस बात को पीएम ने भी कहा है की न इसकी कैबिनेट में चर्चा हुई है न संसद में चर्चा हुई। बीजेपी का घोषणापत्र अपनी जगह पर है और जब NRC होगी तो बता दिया जायेगा। आगे गृह मंत्री ने कहा NPR में यदि किसी का नाम रह जाता है तो भी उसकी नागरिकता नहीं जाएगी क्योंकि ये NRC नहीं है और NRC में जिनका नाम नहीं है, उनको 6 महीने का समय दिया गया है और वकील करने के लिए खर्च राज्य या केंद्र सरकार उठाएगी। किसी को डिटेंशन सेण्टर में नहीं रखा गया है वो अभी भी अपने घर में ही रह रहे है।