GST क्या है, इसके फायदे और नुकसान क्या है ?

GST in hindi

GST in Hindi: हम लोग जो भी क्रय या विक्रय करते हैं सभी सामान पर हम लोग टैक्स देते हैं जो प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष (Direct and Indirect) दोनों तरह के होते हैं। GST एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर ( Indirect Tax ) है। लोगो के मन में ये सवाल रहता ही की ये जी एस टी (GST) क्या है? तो आइये जीएसटी को हिंदी ( GST in Hindi ) में विस्तार से जानते हैं। हमने यहां जी एस टी के बारे में विस्तार से बताया है जिसे पढ़ने के बाद GST को लेकर आपके मन के सारे भ्रम दूर हो जायेंगे।

gst full form

 

GST का पूरा नाम “वस्तु एवं सेवा कर” (Goods and Service Tax) है। भारतवर्ष के इतिहास में जी एस टी (GST) शब्द का उपयोग सर्वप्रथम 8 मई 2008 को तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा उस समय के बजट स्पीच में किया गया था।

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जी एस टी को “वन नेशन वन टैक्स” के रूप में प्रस्तुत किया गया था। तत्कालीन भारत सरकार ने भारत में लगने वाले सभी करों (केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार ) को मिलाकर एक कर जी एस टी (GST) बनाया गया। Tax Experts के मुताबिक़ GST भारत में कर व्यवस्था को सुधारने की दिशा में भारत सरकार द्वारा लिया गया महत्वपूर्ण कदम है।

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कब से लागू हुआ GST

भारत में जीएसटी (Goods and Service Tax) 2014 की भाजपा सरकार में मौजूदा वित्त मंत्री स्व. अरुण जेटली द्वारा पूर्ण रूप से 1 july 2017 को लागू किया गया था।

जीएसटी (GST) कितने प्रकार की होती है ? (Types of GST in Hindi)

जी एस टी (Goods and Service Tax) मुख्यतः चार प्रकार की होते हैं ; CGST, SGST, IGST and UGST (UTGST)

CGST (Central Goods and Services Tax)

CGST से प्राप्त सारा पैसा मौजुदा केंद्र सरकार को जायेगा। CGST के अंदर केंद्र सरकार द्वारा लिए जाने वाले सभी टैक्स ( Service Tax, Central Excise Duty, CST, Customs Duty, SAD, etc.) आएंगे। CGST और SGST का प्रतिशत दर लगभग बराबर होता है।

SGST ( State Goods and Services Tax )

SGST के द्वारा मिला पैसा राज्य सरकार को मिलेगा। SGST के अंदर राज्य में लगने वाले समस्त कर ( VAT, State Sales Tax, Entertainment Tax, Luxury Tax, Entry Tax etc.) आएंगे। CGST और SGST दोनों टैक्स सामान के मूल दर पर ही लगता है।

IGST (Integrated Goods and Service Tax)

IGST टैक्स तब लगता है जब वस्तु एवं सेवा एक राज्य से दुसरे को दी जाती है। IGST द्वारा प्राप्त सारा पैसा केंद्र सरकार को मिलता है और दोनों राज्य में बांटा जाता है।

UTGST ( Union Territory Goods and Services Tax )

UTGST को सामान्यतः UGST भी कहा जाता है। यह तब लागू होगा जब सामान एवं सेवा सभी केंद्र शासित प्रदेशो को दी जाती है। मतलब केंद्र शासित प्रदेशो में सामान एवं सेवा के लिए लिया जाने वाला कर = CGST + UGST .

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जीएसटी के फायदे (Benifits of GST in Hindi)

जीएसटी भारत में कर व्यवस्था को नया मोड़ देती है, जो पहले लगने वाले सारे करों को समझना आसान बना देता है और Tax Experts के मुताबिक़ बहुत फायदे वाला कदम है।जी एस टी के अंदर कुछ खाने के सामान जैसे दही अंडा ,मछली , चिकन घी, फ्रेश वैजिटेबल्स ,शहद , इत्यादि पर 0 % टैक्स लगता है और होटल में 1000 से कम की सर्विसेज को टेक्स फ्री कर दिया गया है।

भारत के सामान्य नागरिक के लिए ये फायदे का कदम था क्योंकि इसमें आम आदमी के जीवन के सामन सस्ते और luxury सामान महंगे हुए थे। सबसे ज्यादा जी एस टी luxury कारों एवं सामानो पर लगा है। जीएसटी (GST) के अंदर लगभग 1300 सामानो एवं 500 सेवाओं से ज्यादा को चार स्लैब में बांटा गया है जो क्रमशः 5%, 12%, 18% और 28% हैं।

जी एस टी का असल उद्देश्य देश में कर दाताओं की संख्या में वृद्धि करना तथा कर दाताओं को अलग अलग प्रकार के करों से मुक्ति दिलाना था। सरकार द्वारा डेढ़ लाख करोड़ की जी एस टी कलेक्शन को लेकर जी एस टी लाया गया था।

जीएसटी के नुक्सान (Disadvantages of GST in Hindi)

जी एस टी के आने से सबसे ज्यादा नुक्सान IT सेक्टर को हुआ है। आपको जानकार आश्चर्य होगा की यह एक लाख करोड़ का लक्ष्य अब तक सरकार ने बस 5 बार ही पार किया है। और भी आश्चर्य की बात यह है की महज 2 वर्षो के समय अवधि में जी एस टी कानून में 300 से ज्यादा बार बदलाव किया गया है।

लोग रियल स्टेट और आटोमोबाइल सेक्टर में घटती ग्रोथ को जी एस टी (GST) के ही प्रभाव बता रहे हैं। अब यह कहना पड़ रहा है की कही न कही जल्दबाजी में लाया गया जी एस टी भारत के ग्रोथ रेट को प्रभावित कर रह है। और जिस उद्देश्य से जी एस टी लाया गया था उसमे असफल साबित हो रही है।

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