रेलवे निजीकरण की बात पर सरकार को आड़े हाथो ले रहे विपक्षी दल

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केंद्र सरकार का फैसला की रेलवे के कुछ रेलवे स्टेशन का निजीकरण किया जायेगा और कुछ रूटों की ट्रेनों का भी निजीकरण होगा। इस बात को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। भारतीय जनता पार्टी सरकार चलाने में है नाकाबिल , इस सरकार को अर्थ व्यवस्था चलाना ही नहीं आता की अर्थव्यवस्था कैसे चलाई जाती है। यह देश की जनता से साथ गद्दारी है, रेलवे का निजीकरण एक आत्मघाती कदम है।

कांग्रेस के सुरेंद्र राजपूत का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री का यह फैसला गलत है, जनता इसको माफ़ करने वाली नहीं है। जब तेजस का प्रयोग असफल हो गया तो ऐसे में रेलवे को निजीकरण की तरफ धकेलना सैधन्तिक और व्यावहारिक दोनों रूपों में गलत है। चंद लोगो को फायदा पहुंचाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। निजीकरण के बाद रेल यात्रा महंगी हो जायेगी। गरीबो का रेल से चलना मुश्किल हो जायेगा।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक मिश्रा ने कहा एक समय में भारतीय रेलवे सबसे लाभकारी संस्था हुआ करती थी। लाखो की संख्या में कर्मचारी रेलवे में काम करते है। यह फैसला गलत है, चंद लोगो को फायदा पहुंचाया जा रहा है। अगर करना ही था तो पहले उन रूटों का निजीकरण करना चाहिए जो की घाटे में है। फायदे पे चलने वाले रूटों का निजीकरण करना पूरी तरह से गलत है।

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