गोंडा : प्रधानमंत्री आवास और आवास प्लस योजना में हो रहा जमकर फर्जीवाड़ा…

Gonda

गोंडा :। खबर गोंडा से जहां एक बार फिर से बड़े फर्जीवाड़े की खबर सामने आई है जिसमे पूर्व के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते प्रधानमंत्री आवास और आवास प्लस योजना में जमकर फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश मे आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना और आवास प्लस योजना में अपात्रों को इस योजना का लाभ दे दिया गया।

जब मुख्य विकास अधिकारी ने इन सभी लाभार्थियों को दिए गए आवास के सत्यापन की कार्यवाई करवाने के लिए कहा तो सत्यापन के दौरान अपात्रों को बड़े पैमाने पर आवास देने का मामला सामने आया। अब विभाग अपात्र लोगो से शुरू से पैसे की रिकवरी करवाने में लगा है साथ-साथ सत्यापन में और बड़े अपात्रों के आने की उम्मीद लगाई जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना में लगभग 3000 लोग अपात्र पाए गए हैं तो वहीं आवास प्लस योजना में एक लाख में 46000 लोग अपात्र पाए गए हैं,आवास प्लस योजना की अभी जांच चल रही है मुख्य विकास अधिकारी का मानना है कि अभी और भी लोग अपात्र मिल सकते हैं। जो भी लोग अपात्र हैं उनको पैसे की रिकवरी की करवाई की जा रही है, मुख्य विकास अधिकारी का मानना है कि इस योजना के तहत कोई भी अपात्र इसका लाभ ना पा सके और जो भी पात्र हैं वह इस लाभ से वंचित ना हो सके।

लेकिन सवाल इस बात का है जब इतने बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री आवास और आवास प्लस योजना में भ्रष्टाचार किया गया तो उस समय के मौजूदा अधिकारी कर्मचारियों किस आधार पर इन लोगों को आवास दिए थे उन अधिकारियों कर्मचारियों का हाथ इस भ्रष्टाचार में शामिल था या नही अगर शामिल था तो उन पर कार्रवाई कब और अगर इन अधिकारियों कर्मचारियों का हाथ शामिल नहीं था तो इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ कैसे?

वही पूरे मामले पर मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी का कहना है कि, ”प्रधानमंत्री आवास योजना जो चली थी उसमें से करीब 38000 लोग चिन्हित थे, उसमें से करीब साढे 35000 लोगों को आवास मिला है बाकी जो अपात्र थे उनका नाम हटाया गया है और कुछ लोगों के पास जो पैसा चला गया था,उसे पूर्व अधिकारियों द्वारा रिकवरी का आदेश भी जारी कराया गया था। कुछ रिकवरी हुई है कुछ लोग ऐसे हैं जिनका रिकवरी होना बाकी है,विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि उनकी रिकवरी जल्दी हो जाए। आवास प्लस की जो सूची है करीब जनपद में एक लाख लोगों के नाम थे उनका सत्यापन कराया जा रहा है। इसमें लगभग 46000 लोग अपात्र मिले हैं अभी जांच चल रही है और आगे और भी अपात्र मिल सकते हैं तो इसमें हमारा यह प्रयास है कि पात्र व्यक्ति का आवाज छूटने ना पाए और अपात्र को आवास मिलने ना पाए इसके लिए काम किया जा रहा है।

रिपोर्ट:-अतुल कुमार यादव…

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