वाराणसी में बाढ़ का कहर जारी ,हर दिन पानी बढ़ता ही जा रहा है..

वाराणसी में बाढ़ का कहर जारी है। हर दिन पानी बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए कई समाज सेवी भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं। इसी क्रम में आज वार्ड नंबर 52 की समाज सेविका पूजा शर्मा के नेतृत्व में ढेल वरिया में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री का वितरण किया गया lसमाज सेविका पूजा शर्मा ने डीएम से मांग की कि कृपया वाराणसी के जिलाधिकारी महोदय बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए नाव की व्यवस्था करें एवं उन्हें सुरक्षित घर से बाहर निकलवाए कार्यक्रम में मुख्य रूप से विनोद बरनवाल विवेक श्रीवास्तव आशीष नारायण दीपक यादव साहिबा बानो सोनू वर्मा बंटी शेख दिग्विजय मिश्रा अमित यादव सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे l

गंगा में उफान थम गया, लेकिन लोगों की मुश्किलें बरकरार है। पूरे दिन जलस्‍तर स्थिर रहा। इस बीच रह-रहकर हो रही बारिश ने दुश्‍वारी बढ़ा दी है। बाढ़ के चलते मकान तो डूबे ही थे, बारिश की वजह से छत पर भी जीना मुहाल हो गया है।केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक वाराणसी समेत भदोही, मीराजपुर, गाजीपुर और बलिया में गंगा का जलस्‍तर रविवार को सुबह से ही स्थिर हो गया है। सोमवार सुबह से पानी कम होना शुरू होने की उम्‍मीद है। फिलहाल बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों का जीवन बड़ा मुश्किल भरा हो गया है एक ओर प्रकृति की मार तो दूसरी ओर शासन-प्रशासन की राहत सामग्री नाकाफी साबित होने से लोग बेहाल हैं। हालांकि एनडीआरएफ व जल पुलिस की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। सामाजिक संस्‍थाएं और व्‍यापार मंडल भी पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया है।

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गंगा नदी के साथ ही यमुना व घाघरा में लगातार बढ़ते जल स्तर से वाराणसी, प्रयागराज व बलिया बाढ़ की चपेट में हैं। पूर्वांचल इन दिनों नदियों में लगातार बढ़ते पानी के कारण बाढ़ की जद में है। पहाड़ों के साथ ही मध्य प्रदेश में बारिश के कारण उत्तर प्रदेश की नदियां कहर बरपा रही हैं। प्रदेश की हर बड़ी नदी उफान पर है।

गंगा के जलस्तर में ठहराव समस्या बरकरार

भदोही में गंगा के जल स्तर में 80.470 मीटर पर ठहराव आ गया था। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार आधी रात के बाद गंगा का जल स्तर स्थिर हो गया। लेकिन अब यहां भी गंगा में पानी कम होने लगा है। हालांकि समस्या अब भी कम नहीं हुई है।

गाजीपुर 

लगातार सात दिनों से बढ़ रही गंगा ने जिले भर के करीब एक हजार गांवों को प्रभावित किया है। रविवार को इसकी गति काफी धीमी हो गई। देर शाम तक गंगा के ठहर जाने की संभावना जताई जा रही है। गांवों में पानी घुसा हुआ है, हजारों एकड़ फसलें जलमग्न है। लोग घरों को छोड़कर राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। बाढ़ राहत शिविरों में समुचित व्यवस्था नहीं है जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोमती से भी कई गांव घिरे हुए है। इधर जिला प्रशासन भी एलर्ट मोड में है। जिले के कई आला अधिकारियों ने भ्रमण कर बाढ़ का जायजा लिया तथा मातहतों को राहत कार्य के आवश्यक निर्देश दिए।

मिर्जापुर में बाढ़ की वजह से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आज सुबह भी पानी कई नए इलाकों में पहुंच गया। प्रशासनिक मदद नाकाफी साबित हो रही है। जिगना, गंगा नदी और कर्णावती नदी में पानी बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 77.980 मीटर था, और खतरे का निशान 77. 724 मीटर है। वहीं अब यहां भी पानी में कमी होने लगी है।