UPPCL कर्मचारियों का पैसा डूबने नहीं देंगे ऊर्जा मंत्री

google

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने यूपीपीसीएल पीएफ घोटाले को लेकर कहा है कि वह उत्तर प्रदेश पवार कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के कर्मचारियों का पैसा डूबने नहीं देंगे। इससे पहले कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कर्मचारियों के पीएफ घोटाले को लेकर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया था और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को हटाने की मांग किया था।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने एक बातचीत के दौरान कहा कि हम लोगों का यह प्रयास है कि कर्मचारियों का जो भी पैसा दीवान हाउसिंग फाइनेंस कार्पोरेशन लिमिटेड (DHFL) में फंसा हुआ है वह हर हाल में वापस आ सके। इस मामले की सुनवाई मुंबई हाईकोर्ट में की जा रही है। इसपर कल एक सुनवाई हुई थी और 28 तारिख को अगली सुनवाई होगी। उन्होंने आगे कहा कि “कोर्ट में भी हमने यही कहा है कि हमारे कर्मचारियों का पैसा फंसा है, उनके बच्चों की भविष्यनिधि है, 28 को जो सुनवाई होगी तो पता चलेगा क्या फैसला आता है?”।

डीएचएफ़एल घोटाला- अजय कुमार लल्लू ने ऊर्जा मंत्री से पूछे ये  8 सवाल

श्रीकांत शर्मा आगे कहा कि “मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि यूपीपीसीएल के सभी कर्मचारी और अधिकारी हमारे परिवार का हिस्सा हैं। उनका कोई अहित ना हो। उनका एक एक पैसा वापस आए, इसके लिए हम पहले दिन से प्रयास कर रहे हैं”। साथ ही उन्होंने कहा कि जहाँ पैसे दिए गए हैं वहां ऊर्जा मंत्री नहीं होते हैं केवल चेयरमैन होते हैं। हमने इसकी जानकारी लेकर सीबीआई को पत्र लिखा है और जब तक सीबीआई जांच नहीं कर रही है तब तक ईओडब्ल्यू जांच करेगा। ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा कि जिन लोगों ने इस घोटाले का ताना-बाना बुना है और गैर-कानूनी तरीके से निवेश करवाया है, उन लोगों को बिलकुल भी बख्शा नहीं जाएगा।